नीट परीक्षा रद्द होने से छात्रों में गहरा रोष, बोले- मेहनत और भविष्य दोनों पर पड़ा असर

Chandrika
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Summer Express - नीट परीक्षा रद्द होने से छात्रों में गहरा रोष, बोले- मेहनत और भविष्य दोनों पर पड़ा असर

Summer express/मनमिंदर अरोड़ा /कुल्लू-:देशभर में आयोजित हुई नीट परीक्षा रद्द किए जाने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। परीक्षा रद्द होने के फैसले ने लाखों छात्रों की महीनों और वर्षों की मेहनत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का कहना है कि उन्होंने दिन-रात मेहनत कर इस परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं और अव्यवस्थाओं के कारण अब उनका भविष्य असमंजस में पड़ गया है। कुल्लू सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में छात्रों के बीच निराशा और चिंता का माहौल बना हुआ है।

छात्रों का कहना है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की जिम्मेदारी थी कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ आयोजित किया जाता, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने न आए। लेकिन एजेंसी की लापरवाही का खामियाजा अब देशभर के लाखों छात्र भुगत रहे हैं। परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों को दोबारा तैयारी करनी पड़ेगी, जिससे उन पर मानसिक और आर्थिक दोनों तरह का दबाव बढ़ गया है।कुल्लू की छात्रा गीता ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। इस बार उन्हें पूरी उम्मीद थी कि वह अच्छे अंक प्राप्त कर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल कर लेंगी। गीता ने कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए दिन-रात एक कर दिया था और परिवार ने भी उन्हें हर संभव सहयोग दिया। लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया है। उनका कहना है कि अब दोबारा उसी आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ तैयारी करना आसान नहीं होगा।

छात्र सोनेश ठाकुर ने कहा कि वह पिछले एक वर्ष से लगातार नीट परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त थी और छात्रों को कई स्तरों की जांच के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि जब छात्रों पर इतनी सख्ती की जाती है, तो परीक्षा पेपर की सुरक्षा में चूक कैसे हो गई। उन्होंने कहा कि अगर एजेंसी पहले से पर्याप्त इंतजाम करती तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अब दोबारा परीक्षा होने से छात्रों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव पड़ेगा।

एक अन्य छात्रा भूमिका ने बताया कि उन्होंने कोचिंग संस्थान में दाखिला लेकर लंबे समय तक तैयारी की थी। परीक्षा की तैयारी के कारण उन्होंने सामाजिक गतिविधियों और परिवारिक आयोजनों से भी दूरी बना ली थी। उनका पूरा ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर था। लेकिन अब परीक्षा रद्द होने से उन्हें लग रहा है कि उनकी मेहनत व्यर्थ चली गई। भूमिका ने कहा कि अब छात्रों के मन में डर बैठ गया है कि कहीं भविष्य में फिर ऐसी घटनाएं न हो जाएं। इससे छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हो रहा है।

छात्रा ज्योति ने कहा कि नीट परीक्षा में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र भी शामिल हुए थे जो साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। इन छात्रों के परिवारों ने बच्चों की कोचिंग और पढ़ाई के लिए अपनी बचत तक खर्च कर दी। अब परीक्षा रद्द होने के बाद उन्हें दोबारा फीस, किताबों और कोचिंग का खर्च उठाना पड़ेगा। ज्योति का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि लाखों परिवारों की उम्मीदों और सपनों को भी झटका देती हैं।अभिभावकों ने भी परीक्षा रद्द होने के फैसले पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बच्चों ने लगातार तनाव और दबाव में रहकर परीक्षा की तैयारी की थी। अब दोबारा परीक्षा की घोषणा होने से बच्चों की मानसिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। कई छात्रों में तनाव और चिंता बढ़ गई है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार और संबंधित एजेंसियों को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।

कुल्लू कॉन्वेंट स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेश कुमार ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से छात्रों के बीच गहरा निराशा का माहौल है। छात्रों की मेहनत और समय दोनों प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों इसके लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में जरूरतमंद छात्रों को आगामी परीक्षा की तैयारी के लिए निशुल्क मार्गदर्शन और अतिरिक्त कक्षाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को परेशानी न हो।

नीट परीक्षा रद्द होने के बाद अब छात्रों की निगाहें सरकार और परीक्षा एजेंसी के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं। छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों का विश्वास कायम रह सके।

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