Summer express/ऊना, राकेश-: त्योहारी सीजन के मद्देनजर जिला ऊना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अपनी निगरानी तेज कर दी है। लोगों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां एवं अन्य खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से विभाग की टीमें लगातार बाजारों का निरीक्षण कर रही हैं। पिछले 15 से 20 दिनों के दौरान विभाग की ओर से करीब 28 सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर जगदीश धीमान ने बताया कि त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत बाजारों में बिकने वाले पनीर, मिठाई, बर्फी और काजू कतली सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के सैंपल एकत्रित किए गए हैं। सभी सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं और विभाग को अब इनकी रिपोर्ट का इंतजार है।उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले सीआईडी से मिली सूचना के आधार पर पंजाब से ऊना आ रही एक गाड़ी में पनीर की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। इस खेप से भी सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं, ताकि पनीर की गुणवत्ता और शुद्धता का पता लगाया जा सके।
वहीं, एक न्यूज चैनल पर मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले चांदी के वर्क की गुणवत्ता को लेकर दिखाई गई खबर के बाद विभाग ने इस दिशा में भी कार्रवाई की है। बाजार में मिठाइयों पर इस्तेमाल किए जाने वाले चांदी के वर्क के नमूने भी एकत्रित कर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद ही गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।जगदीश धीमान ने कहा कि खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच रिपोर्ट आने में कुछ समय लगता है। विभाग की टीमें लगातार बाजारों में निरीक्षण कर रही हैं और सैंपलिंग का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाना है।