घुमारवीं (बिलासपुर)-: तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मंगलवार को केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं में विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें तनावमुक्त रहकर पढ़ाई करने, सकारात्मक सोच अपनाने और जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर भी ध्यान देना चाहिए। भावनाओं पर नियंत्रण, अनुशासन और जीवन कौशल को अपनाकर विद्यार्थी अपने लक्ष्य बेहतर ढंग से हासिल कर सकते हैं।
संवाद के दौरान मंत्री ने विद्यार्थियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक सहित आधुनिक विज्ञान एवं तकनीकी विकास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी दौर में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना जरूरी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर भी विचार साझा किए तथा विद्यार्थियों को व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।राजेश धर्माणी ने केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं की स्थापना से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष बिलासपुर जिले में केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने का विषय उठाया था। उनके प्रयासों से विद्यालय खोलने की दिशा में पहल हुई। उन्होंने कहा कि जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया में समय लगने के कारण विद्यालय का स्थायी भवन अभी तक नहीं बन पाया है। अब जमीन शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित हो चुकी है और सरकार इसे केंद्रीय विद्यालय संगठन को लीज पर उपलब्ध करवा रही है, ताकि स्थायी परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।उन्होंने बताया कि फिलहाल विद्यालय गर्ल्स स्कूल के भवन में संचालित हो रहा है। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए विद्यालय में सुरक्षा और पर्याप्त स्थान से संबंधित कमियों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विद्यार्थियों के साथ बातचीत के दौरान प्लस वन की पढ़ाई, विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर लैब के उपयोग सहित विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों ने प्रयोगशालाओं और खेल मैदान की सुविधाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता उठाई। मंत्री ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को खेल मैदान में अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय को खेल सामग्री भी प्रदान की, ताकि विद्यार्थी खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग ले सकें।
मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ इस तरह के संवाद का उद्देश्य उन्हें केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि समाज, देश और दुनिया में हो रहे बदलावों से परिचित करवाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नई चीजें सीखने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप क्षेत्र का चयन कर उसमें उत्कृष्टता हासिल करने के साथ-साथ सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना भी आवश्यक है।इस दौरान विद्यार्थियों ने मोरसिंघी स्थित खेल छात्रावास का भ्रमण करवाने का आग्रह भी किया। मंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के आने-जाने और खानपान की व्यवस्था की जाएगी। इससे उन्हें छात्रावास में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों से बातचीत करने, उनकी उपलब्धियों से प्रेरणा लेने और उनकी दिनचर्या, अनुशासन, समय प्रबंधन तथा मेहनत को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
राजेश धर्माणी ने कहा कि बच्चों को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण, आवश्यक संसाधन और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना सरकार, शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। सही अवसर और अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर विद्यार्थी अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग कर सकते हैं तथा जीवन में नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।इस अवसर पर केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं की प्रिंसिपल रिंकू कुमारी सहित विद्यालय के अन्य अध्यापक उपस्थित रहे।