Summer express/चंबा, मंजूर पठान-: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र के कोटि में आयोजित पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन के दौरान प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार की वित्तीय नीतियों, सरकारी संस्थानों को बंद करने और विकास कार्यों की गति पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन विकास कार्यों का अपेक्षित असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने पिछली भाजपा सरकार के कई फैसलों को पलट दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में लगभग ढाई हजार सरकारी संस्थानों को डिनोटिफाई किया गया, जिससे लोगों को घर-द्वार के नजदीक मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ा।
बढ़ते कर्ज पर कांग्रेस सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश पर वर्ष 2022 तक करीब 69 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कर्ज का बोझ तेजी से बढ़ा है, जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि बढ़ते कर्ज से प्राप्त धनराशि का इस्तेमाल किन कार्यों पर किया जा रहा है। यदि हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लिया जा रहा है, तो उसका लाभ आम जनता को भी दिखाई देना चाहिए।
सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठाए सवाल
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पेयजल और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि सरकार विकास कार्यों पर कितना खर्च कर रही है और बढ़ते कर्ज के बावजूद बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं दिख रहा है।उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में विभिन्न विकास योजनाओं को शुरू किया गया था, जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक सुविधाएं पहुंचाना था।
चुनावी वादों को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस सरकार पर विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी, युवा, किसान, बागवान और आम नागरिक सरकार से अपने मुद्दों पर जवाब चाहते हैं।उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और विकास कार्यों से जुड़े सवालों पर सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनके अनुसार, प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों में से कितने पूरे हुए हैं और कितने अब भी लंबित हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों से संगठन मजबूत करने की अपील
कोटि में आयोजित सम्मेलन के दौरान जयराम ठाकुर ने पंचायत प्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं से गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं को उठाने तथा पार्टी संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं और जनता के साथ उनका सीधा संपर्क रहता है। ऐसे में उनकी भूमिका जनहित के मुद्दों को सामने लाने में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से भाजपा की नीतियों और केंद्र सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की।
चुराह दौरे से भाजपा ने दिया राजनीतिक संदेश
जयराम ठाकुर का चुराह दौरा क्षेत्र में भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन में उन्होंने कांग्रेस सरकार की नीतियों, वित्तीय प्रबंधन और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए तथा कार्यकर्ताओं से आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए तैयार रहने को कहा।
कुल मिलाकर, चुराह के कोटि में आयोजित सम्मेलन के दौरान जयराम ठाकुर ने बढ़ते कर्ज, सरकारी संस्थानों के डिनोटिफिकेशन और चुनावी वादों को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश की। अब इन आरोपों पर प्रदेश सरकार और कांग्रेस की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।