Summer express/नूरपुर, संजीव महाजन -: हिमाचल प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नूरपुर में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। जयराम ठाकुर ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संस्थानों को बंद करने, प्रदेश पर बढ़ते कर्ज, बदले की राजनीति और कांग्रेस की चुनावी गारंटियों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घोषणाएं करने में आगे है, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास की तस्वीर कुछ और ही नजर आती है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही संस्थानों को बंद करने का सिलसिला शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि कैबिनेट गठन से पहले ही मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने ऐसे फैसले लेने शुरू कर दिए, जिन्हें उन्होंने राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से आग्रह किया कि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से बाहर निकलकर जनता की जरूरतों और प्रदेश के विकास पर ध्यान दिया जाए।शपथ ग्रहण के बाद कैबिनेट बनने से पहले ही संस्थानों को बंद करने और बदले की राजनीति शुरू कर दी गई। हिमाचल के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। सरकार को राजनीतिक द्वेष छोड़कर जनता की जरूरतों और विकास पर ध्यान देना चाहिए।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल में लिया गया कर्ज प्रदेश की छह पूर्व सरकारों के संयुक्त कर्ज से भी अधिक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है, तो इसका लाभ विकास कार्यों के रूप में जनता को क्यों नहीं दिखाई दे रहा। उन्होंने सरकार से कर्ज के इस्तेमाल और विकास कार्यों को लेकर जवाब देने की मांग की।सुक्खू सरकार ने चार साल में जितना कर्ज लिया है, उतना प्रदेश की छह सरकारों ने मिलकर भी नहीं लिया। प्रदेश पर कर्ज बढ़ता जा रहा है, लेकिन धरातल पर विकास नजर नहीं आ रहा। जनता जानना चाहती है कि आखिर इतना कर्ज लिया किसलिए गया और उसका लाभ कहां पहुंचा?
कांग्रेस की चुनावी गारंटियों को लेकर भी नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे अब तक पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश को बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्रों में ठोस काम की जरूरत है। नए जिलों के गठन की चर्चाओं पर तंज कसते हुए उन्होंने दावा किया कि जिलों की संख्या बढ़ाने से कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने झूठ बोलने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कांग्रेस ने जनता से बड़ी-बड़ी गारंटियां की थीं, लेकिन लोग आज भी उनके पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। 68 जिले भी बना दें, तब भी कांग्रेस सत्ता में वापस नहीं आएगी। जनता को राजनीतिक शगूफे नहीं, धरातल पर विकास चाहिए।जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को अपने वादों का हिसाब और विकास कार्यों का परिणाम चाहिए। हालांकि, कर्ज और विकास को लेकर नेता प्रतिपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर सरकार का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।