Summer express, अमृतसर। पंजाब में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर अब समाप्त हो गया है। शुक्रवार को कुछ जिलों में आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन शाम तक कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। बादलों के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। दूसरी ओर, पराली जलाने की घटनाओं के बीच कई शहरों में वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई है। साथ ही राज्य के लिए कोई मौसम अलर्ट भी जारी नहीं किया गया है।
प्रदूषण के मोर्चे पर अमृतसर और कुछ अन्य शहरों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। शुक्रवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आंकड़ों के अनुसार अमृतसर में एक्यूआई 178, खन्ना में 173 और मंडी गोबिंदगढ़ में 153 दर्ज किया गया। वहीं लुधियाना में 99, जालंधर में 90 और बठिंडा में 42 एक्यूआई रिकॉर्ड हुआ।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान रूपनगर में 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा चंडीगढ़ में 29.0 डिग्री, अमृतसर में 27.6 डिग्री, लुधियाना में 29.2 डिग्री, जालंधर में 29.6 डिग्री और पटियाला में 28.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
इसी तरह फरीदकोट में अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री और बठिंडा में 30.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।