Summer express,कुरुक्षेत्र। पुलिस की अपराध अन्वेषण शाखा-1 ने पिपली स्थित संत रामपाल आश्रम पर हुई फायरिंग के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान करनाल जिले के गांव अरजेहड़ी निवासी अनिल कुमार और पंचकूला जिले के मौली निवासी रेशव उर्फ सुदामा के रूप में हुई है। दोनों को अदालत के आदेश पर प्रोडक्शन वारंट के जरिए पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया था। तीन दिन के रिमांड के दौरान पूछताछ पूरी होने के बाद वीरवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, आश्रम के सेवादार पुरुषोत्तम दास ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रात संत रामपाल महाराज का कुरुक्षेत्र स्थित आश्रम में आने का कार्यक्रम निर्धारित था। इससे पहले मध्यरात्रि कुछ अज्ञात लोगों ने आश्रम परिसर पर गोलियां चलाई थीं। फायरिंग की घटना के बाद सुरक्षा कारणों से संत रामपाल का प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द करना पड़ा था।
शिकायत में बताया गया कि घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और पोस्ट प्रसारित किए गए, जिनमें फायरिंग की जिम्मेदारी लेने के साथ संत रामपाल महाराज और उनके अनुयायियों को धमकियां दी गई थीं। इन पोस्ट के जरिए समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया गया। शिकायत के आधार पर थाना सदर थानेसर में मामला दर्ज किया गया था। बाद में जांच अपराध अन्वेषण शाखा-1 को सौंप दी गई।
अपराध अन्वेषण शाखा-1 के प्रभारी निरीक्षक प्रतीक ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी अनिल कुमार ने अपने एक साथी के साथ मिलकर आश्रम पर फायरिंग की थी। घटना के समय अनिल मोटरसाइकिल चला रहा था, जबकि उसके साथी ने आश्रम की ओर गोलियां चलाई थीं। वारदात के बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी रेशव उर्फ सुदामा ने शाहाबाद पहुंचकर फायरिंग के लिए हथियार उपलब्ध करवाया था। पुलिस का कहना है कि इसी हथियार का इस्तेमाल आश्रम पर गोलीबारी करने में किया गया। मामले में फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी की तलाश अभी जारी है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।