Summer express/मंडी/ धर्मवीर -:मंडी जिले की न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अदालत नंबर-3 ने चेक बाउंस के एक पुराने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को छह महीने के साधारण कारावास और नौ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह निर्णय लंबे समय से लंबित चल रहे मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद दिया।यह मामला वर्ष 2013-14 के दौरान हुए एक वित्तीय लेनदेन से जुड़ा था। शिकायतकर्ता कंपनी राम हरी ऑटो प्राइवेट लिमिटेड, गुटकर मंडी ने अपने अधिवक्ता महेश चोपड़ा के माध्यम से गोपाल कृष्ण पुत्र परमानंद सैणी, निवासी गांव सिंहन, गागल बल्ह, जिला मंडी के खिलाफ अदालत में शिकायत दायर की थी।
शिकायत के अनुसार आरोपी ने कंपनी को भुगतान के लिए भारतीय स्टेट बैंक, नेरचौक शाखा का पांच लाख रुपये का चेक 20 मई 2014 को जारी किया था।
जब कंपनी ने उक्त चेक बैंक में जमा करवाया तो वह अपर्याप्त राशि के कारण बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता द्वारा कई बार भुगतान के लिए आग्रह किए जाने के बावजूद आरोपी ने राशि का भुगतान नहीं किया। इसके बाद कंपनी ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत अदालत का दरवाजा खटखटाया।मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने अदालत में विभिन्न दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायिक दंडाधिकारी कर्म प्रताप सिंह ठाकुर ने उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों को सही मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी पर नौ लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ छह महीने की कैद की सजा भी सुनाई।हालांकि अदालत ने आरोपी को राहत देते हुए सजा पर 30 दिनों की रोक लगाई है, ताकि वह ऊपरी अदालत में अपील दायर कर सके। साथ ही आरोपी को व्यक्तिगत मुचलके पर जमानत भी प्रदान की गई है।