Summer express, पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में आस्था और आध्यात्मिकता के नाम पर कथित शोषण का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने एक स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु और उसके सहयोगियों पर एक महिला को वर्षों तक बंधक बनाकर मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुणे क्राइम ब्रांच के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी 59 वर्षीय राधामोहन मिश्रा है, जो मूल रूप से हरियाणा का निवासी बताया जा रहा है। वह पिछले कई वर्षों से वाघोली स्थित एक आलीशान बंगले में आश्रम संचालित कर रहा था। आरोपी लोगों की बीमारियां, पारिवारिक विवाद और आर्थिक परेशानियां दूर करने का दावा कर श्रद्धालुओं को अपने प्रभाव में लेता था।
जांच में सामने आया कि सिंहगढ़ रोड क्षेत्र की 41 वर्षीय महिला भी आरोपी के संपर्क में आई थी। आरोप है कि तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक उपचार के नाम पर महिला और उसके परिवार का विश्वास जीतकर उसे आश्रम में रहने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद महिला का लंबे समय तक कथित रूप से शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण किया गया।
पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने बंगले पर छापा मारा। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में लैपटॉप, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, सीडी और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद हुए। परिसर में कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे मिले, जिनके जरिए गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं महिला के निजी वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल तो नहीं किया गया।
छापेमारी के दौरान बंगले में एक निर्माणाधीन भूमिगत सुरंग भी मिली, जिसने जांच को और गंभीर बना दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी और जालसाजी के माध्यम से पीड़िता की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति भी अपने नाम करवा ली।
मामले में मुख्य आरोपी राधामोहन मिश्रा, उसके करीबी सहयोगी कंवल नयन और छह महिला सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने सभी आरोपियों को 20 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क का शिकार अन्य महिलाएं भी हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।