Summer express/सिरसा,विजय-: हरियाणा के सिरसा शहर में इन दिनों पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। शहर की खन्ना कॉलोनी के निवासी पिछले 22 दिनों से पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों के घरों में लगे नलों से पानी की जगह सिर्फ हवा निकल रही है। भीषण गर्मी के बीच पानी की सप्लाई ठप होने से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। कॉलोनी के लोग अब अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। लगातार बढ़ती परेशानी के बीच कॉलोनीवासियों ने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे लोग
खन्ना कॉलोनी के लोगों का कहना है कि पिछले 22 दिनों से उनके क्षेत्र में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही। कई घरों में तो पूरी तरह से पानी बंद है। सुबह से शाम तक लोग नलों में पानी आने का इंतजार करते हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। पानी की कमी के कारण पीने, खाना बनाने, कपड़े धोने, नहाने और साफ-सफाई जैसे सामान्य कार्य भी मुश्किल हो गए हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में पानी की समस्या ने जीवन को बेहद कठिन बना दिया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अब अपने घरों में उपलब्ध थोड़े-बहुत पानी को बेहद सावधानी से उपयोग कर रहे हैं ताकि आवश्यक जरूरतें पूरी की जा सकें।
अगले दिन के लिए पानी स्टोर करने को मजबूर परिवार
पेयजल संकट के चलते कॉलोनी के अधिकांश परिवार पानी जमा करके रखने को मजबूर हो गए हैं। जहां कहीं से भी पानी उपलब्ध हो रहा है, लोग उसे बड़े-बड़े ड्रमों, बाल्टियों और टंकियों में भरकर सुरक्षित रख रहे हैं। कई परिवार सुबह-सुबह पानी की तलाश में निकल जाते हैं ताकि दिनभर की जरूरतों के लिए कुछ व्यवस्था हो सके।
महिलाओं का कहना है कि उनका अधिकांश समय पानी की व्यवस्था करने में ही निकल जाता है। कुछ परिवारों को अपने रिश्तेदारों या परिचितों के घरों से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि कई लोग दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी भरकर ला रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस समस्या के कारण उनकी दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है।
महंगे टैंकर खरीदने को विवश हुए कॉलोनीवासी
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब लोगों को निजी पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। सिरसा शहर में एक टैंकर की कीमत 700 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक पहुंच गई है। लगातार टैंकर मंगवाना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस पानी की आपूर्ति सरकार की ओर से नियमित रूप से होनी चाहिए, उसके लिए अब उन्हें अपनी जेब से भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है। कई परिवारों ने बताया कि हर कुछ दिनों में टैंकर मंगवाने का खर्च उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है।एक निवासी ने बताया कि पिछले 22 दिनों से पानी नहीं आने के कारण उन्हें मजबूरी में बार-बार टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए इतना अधिक पैसा खर्च करना बेहद दुखद है और प्रशासन को जल्द समाधान करना चाहिए।
शिकायतों के बावजूद नहीं मिला स्थायी समाधान
खन्ना कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी स्थिति में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला।कॉलोनीवासियों का कहना है कि हर बार उन्हें केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अब वे प्रशासन से केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर भी असर
पानी की कमी का असर केवल घरेलू कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव बच्चों की पढ़ाई और लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। घरों में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं होने से बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। भीषण गर्मी में पर्याप्त पानी न मिलने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का डर सता रहा है।कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजने से पहले पानी की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। घरों में पीने के पानी और अन्य उपयोग के पानी को अलग-अलग तरीके से संभालकर रखा जा रहा है ताकि उपलब्ध पानी अधिक दिनों तक चल सके।महिलाओं का कहना है कि पूरे दिन पानी की चिंता बनी रहती है। सुबह से लेकर शाम तक पानी का इंतजाम करने में काफी समय और ऊर्जा खर्च हो जाती है, जिससे अन्य घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग ने माना संकट, जल्द समाधान का दावा
दूसरी ओर जनस्वास्थ्य विभाग ने भी समस्या को स्वीकार किया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और वितरण संबंधी कुछ समस्याओं के कारण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। विभाग का दावा है कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन राजेश कुमार ने बताया कि विभाग को समस्या की पूरी जानकारी है और टीम लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति को जल्द सुचारू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी खामियों को दूर करने और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम जारी है।
स्थायी समाधान की मांग कर रहे लोग
खन्ना कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि उन्हें अस्थायी राहत नहीं बल्कि स्थायी समाधान चाहिए। उनका मानना है कि पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए लोगों को बार-बार संघर्ष नहीं करना चाहिए कॉलोनीवासियों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि समस्या का जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें महंगे टैंकरों पर निर्भर न रहना पड़े।
भीषण गर्मी के बीच 22 दिनों से सूखे पड़े नल लोगों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन और सरकार पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही पानी की आपूर्ति बहाल होगी और उन्हें इस गंभीर जल संकट से राहत मिलेगी। फिलहाल खन्ना कॉलोनी के निवासी हर दिन इसी इंतजार में हैं कि कब उनके घरों के नलों से फिर से पानी की धार बहने लगेगी।