summer express , फरीदाबाद (सुंदर कुंडू)। फरीदाबाद के गांव अजरौंदा में सरकारी राशन की जांच के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई है। सीएम फ्लाइंग और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने राधा स्वामी सत्संग सेंटर के पास स्थित राशन डिपो पर औचक निरीक्षण किया। जांच में रिकॉर्ड के मुकाबले करीब 415 क्विंटल गेहूं कम मिला। स्टॉक में इतनी बड़ी कमी मिलने के बाद डिपो धारक सुमित के खिलाफ सरकारी राशन की कालाबाजारी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की गई है।
सीएम फ्लाइंग टीम के सदस्य सतबीर के अनुसार, रिकॉर्ड में संबंधित डिपो पर 551 क्विंटल गेहूं, 121 क्विंटल बाजरा, 2 क्विंटल चीनी और 3,805 लीटर सरसों का तेल होना दर्ज था। टीम ने जब मौके पर स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया तो गेहूं की मात्रा रिकॉर्ड के मुकाबले करीब 415 क्विंटल कम पाई गई। इतनी बड़ी कमी सामने आने पर अधिकारियों ने डिपो की व्यवस्था और राशन वितरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
जांच के दौरान डिपो धारक सुमित को मौके पर बुलाने का प्रयास किया गया। टीम ने कई बार उससे संपर्क किया, लेकिन वह जांच के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद डिपो धारक प्रेम सिंह और सुमित के मकान मालिक की मौजूदगी में राशन डिपो का निरीक्षण किया गया।
पूछताछ में सामने आया कि सुमित करीब एक महीने से इसी स्थान पर सरकारी राशन रखकर उसका वितरण कर रहा था। जांच टीम को आशंका है कि सरकारी राशन निर्धारित लाभार्थियों तक पहुंचाने के बजाय उसकी बिक्री कर कालाबाजारी की गई, जिसके चलते गेहूं के स्टॉक में इतनी बड़ी कमी सामने आई। हालांकि वास्तविक स्थिति का पता विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
टीम ने पास में स्थित प्रेम सिंह के राशन डिपो का भी निरीक्षण किया। ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार वहां गेहूं, चीनी और सरसों के तेल का जितना स्टॉक दर्ज था, मौके पर उतनी ही मात्रा में राशन उपलब्ध मिला। इस डिपो में जांच के दौरान कोई अनियमितता नहीं पाई गई।
स्टॉक में भारी कमी मिलने के बाद खाद्य निरीक्षक रूप चंद की शिकायत पर डिपो धारक सुमित के खिलाफ थाना सेंट्रल फरीदाबाद में मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब विभाग मामले की विस्तृत जांच करेगा और यह पता लगाया जाएगा कि सरकारी राशन का स्टॉक कैसे कम हुआ तथा इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।