summer express ,नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच हाल के दिनों में नरमी देखने को मिल रही है। ईरान से जुड़े घटनाक्रम और अमेरिका की ओर से लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बीच वैश्विक तेल बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में देश में पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने की उम्मीद लगाए बैठे उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की तस्वीर साफ नहीं है।
सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) की मौजूदा स्थिति के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने का असर घरेलू ईंधन की कीमतों पर तुरंत दिखाई देना जरूरी नहीं है।
कंपनियां पहले के नुकसान की कर रही भरपाई
तेल कंपनियों के मुताबिक, कुछ समय पहले अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था। उस समय कंपनियों ने उपभोक्ताओं पर बढ़ी लागत का पूरा बोझ नहीं डाला और पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों को काफी हद तक स्थिर रखा।
इस दौरान कंपनियों को वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ा। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद कंपनियां मौजूदा हालात और अपने पिछले नुकसान का आकलन कर रही हैं। यही वजह है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम में तत्काल कटौती के संकेत नहीं हैं।
लंबे समय से स्थिर हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें लंबे समय से स्थिर बनी हुई हैं। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय कर और अन्य शुल्क के कारण ईंधन के दामों में अंतर देखने को मिलता है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के मौजूदा दाम इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल (रुपये/लीटर) | डीजल (रुपये/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.76 | 99.55 |
| हैदराबाद | 115.69 | 103.82 |
| पटना | 113.35 | 99.36 |
| जयपुर | 112.66 | 97.78 |
| भुवनेश्वर | 103.19 | 100.42 |
| बेंगलुरु | 110.82 | 98.77 |
कच्चे तेल की कीमत घटने से तुरंत नहीं बदलते दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का असर घरेलू ईंधन बाजार पर पड़ता है, लेकिन कीमतों में बदलाव कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ-साथ अपनी लागत और पिछले वित्तीय प्रभावों को ध्यान में रखकर खुदरा कीमतों को लेकर फैसला करती हैं।
इसलिए कच्चे तेल में हालिया नरमी के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दाम में तत्काल कमी होना तय नहीं माना जा सकता। उपभोक्ताओं को फिलहाल तेल कंपनियों की अगली समीक्षा और आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।