Summer express , बलिंदर कुमार ,कैथल। हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर किसानों और मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कैथल स्थित लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद किसानों ने उपायुक्त के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर फसलों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
मोर्चा ने सबसे प्रमुख मांग ‘मेरी फसल, मेरा ब्यौरा’ पोर्टल को तत्काल दोबारा खोलने की रखी। इसके अलावा किसानों ने गन्ने का भाव बढ़ाकर 700 रुपये प्रति क्विंटल करने और कपास की फसल की उचित व्यवस्था करते हुए उसकी सुनिश्चित खरीद की मांग उठाई। किसान नेताओं ने कहा कि चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में गन्ना उत्पादकों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए। किसानों के हित में गन्ने का भाव 700 रुपये प्रति क्विंटल किया जाना जरूरी है।
किसानों ने धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू करने की भी मांग की। साथ ही धान में निर्धारित 17 प्रतिशत नमी की सीमा को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की मांग रखी गई। किसान नेताओं का कहना है कि नमी की कम सीमा के कारण किसानों को फसल बेचने में परेशानी होती है और कई बार उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर धान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
मोर्चा ने दूध के खरीद भाव में भी उचित बढ़ोतरी की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि खेती के साथ पशुपालन भी ग्रामीण परिवारों की आय का महत्वपूर्ण जरिया है। ऐसे में दूध उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मोर्चा की ओर से 10 सितंबर को पिहोवा में किसान-मजदूरों की बड़ी पंचायत आयोजित करने का ऐलान किया गया है। पंचायत में सरकार के रुख और किसानों की मांगों पर चर्चा के बाद आंदोलन की आगामी रणनीति को लेकर निर्णायक फैसला लिया जाएगा।
किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा ने सरकार से किसानों और मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बातचीत कर मांगों का समाधान करने की अपील की है।