न्याय की मांग को लेकर मंडी में रैली, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
Summer express/मंडी/धर्मवीर -:मंडी जिले के सराज क्षेत्र में दो दिव्यांग नाबालिग भाइयों के साथ कथित मारपीट और उन्हें रातभर बंधक बनाए रखने का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। पुलिस में शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने से नाराज लोगों ने सोमवार को मंडी शहर में रैली निकालकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और स्पष्ट कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन में कुल्लू से पहुंचे ज्ञानचंद ने आरोप लगाया कि दोनों नाबालिग भाइयों के साथ मारपीट की गई और कथित तौर पर उन्हें पूरी रात बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि इस दौरान उनका वीडियो भी बनाया गया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया।ज्ञानचंद के मुताबिक, घटना के बाद पीड़ित परिवार ने एसपी मंडी को शिकायत दी थी। इसके बाद परिवार और अन्य लोग कई बार एसपी और डीएसपी मंडी से मिले, लेकिन उन्हें अब तक हुई कार्रवाई को लेकर संतोषजनक जानकारी नहीं मिल पाई। उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से हर बार यही बताया गया कि मामला डीएसपी स्तर पर जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, नाबालिगों से जुड़ा मामला होने का हवाला देते हुए एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने की बात कही गई।प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती तो पुलिस प्रशासन इसका स्पष्ट कानूनी कारण बताए। उन्होंने घटना से संबंधित वीडियो, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया पोस्ट, स्क्रीनशॉट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दोनों बच्चे दिव्यांग हैं और लंबे उपचार के बाद उनकी आंखों की रोशनी वापस आई थी। आरोप है कि मारपीट के दौरान एक बच्चे की आंख को गंभीर चोट पहुंची है और डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बच्चों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग भी की।इसके साथ ही मामले में लगाए गए जातीय उत्पीड़न के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई। ज्ञानचंद ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच के जरिए पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना है।