Summer express, यमुनानगर। यमुनानगर में खाद्य सुरक्षा विभाग और शहर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह करीब पांच बजे दशमेश कॉलोनी में छापा मारकर एक महिंद्रा पिकअप से लगभग 20 क्विंटल संदिग्ध पनीर बरामद किया। शुरुआती जांच में पनीर की खेप कैथल जिले के कलायत से लाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने पिकअप चालक सोनू कुमार को हिरासत में लिया है, जबकि जिस केंद्र से पनीर की सप्लाई किए जाने की जानकारी मिली है, उसके संचालक दीपक कुमार की तलाश की जा रही है।
कार्रवाई आजाद नगर के नजदीक दशमेश कॉलोनी में मिली सूचना के आधार पर की गई। विभाग को पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बड़ी मात्रा में संदिग्ध पनीर पहुंचने की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद अधिकारियों ने सूचनाएं जुटाईं और पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की। पिकअप की तलाशी लेने पर उसमें करीब 20 क्विंटल पनीर मिला।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। वहीं, बरामद खेप को पश्चिमी यमुना नहर के किनारे गड्ढे में दबाकर नष्ट कर दिया गया। पनीर मिलावटी था या उसकी गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी, इसकी पुष्टि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पनीर कम कीमत पर खरीदकर यमुनानगर के बाजार में करीब 200 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से सप्लाई किया जाता था। हालांकि, पनीर कहां तैयार किया जाता था और उसकी वास्तविक गुणवत्ता क्या थी, इस संबंध में अभी जांच जारी है।
पिकअप चालक सोनू कुमार ने बताया कि वह कलायत का निवासी है और 500 रुपये दिहाड़ी पर पनीर की खेप लेकर यमुनानगर आया था। उसका दावा है कि उसे पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध होने की जानकारी नहीं थी। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि पनीर किसने भेजा था, इसे शहर में किस व्यक्ति या कारोबारी को सौंपा जाना था और क्या इसकी सप्लाई अन्य दुकानों तक भी की जा रही थी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गुलाब सिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह गांधीनगर क्षेत्र के एक मकान से भी बड़ी मात्रा में पनीर बरामद किया गया था। उस कार्रवाई के बाद से विभाग संदिग्ध पनीर की आपूर्ति पर नजर रख रहा था। लगातार सूचनाएं मिलने के बाद दशमेश कॉलोनी में कार्रवाई की गई। हालांकि, गांधीनगर में बरामद पनीर और इस मामले के बीच किसी सीधे संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों के अनुसार, दशमेश कॉलोनी में जिस केंद्र से पनीर की सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है, वह दीपक कुमार के नाम पर बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान वह मौके पर नहीं मिला। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। जांच के तहत पनीर के स्रोत, उसे तैयार करने की जगह, गुणवत्ता और शहर में उसकी आपूर्ति से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. गुलाब सिंह ने कहा कि मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाला पनीर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उन्हें किसी स्थान पर संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री या सप्लाई की जानकारी मिले तो इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।