शिमला , संजू -:हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल होने के दावों और नए जिलों के गठन को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने भाजपा नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि देश में कांग्रेस का दौर फिर से लौट रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी दोबारा सत्ता में वापसी करने जा रही है, उसे छोड़कर कौन नेता जाएगा? विनय कुमार ने दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में भाजपा के नेता भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
विनय कुमार ने कहा कि पूरे देश में भाजपा के खिलाफ माहौल बन रहा है और विभिन्न मुद्दों पर लोग विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में किसी भी नेता को शामिल करने का फैसला पार्टी के हितों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। पार्टी उसी नेता को शामिल करने पर विचार करेगी, जिससे संगठन को मजबूती मिले। उनका यह बयान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत भाजपा नेताओं की ओर से कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल होने के दावों के बीच आया है।
नए जिलों के गठन पर भाजपा को घेरा
नए जिलों के गठन को लेकर भी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर नकारात्मक राजनीति करती रही है। विनय कुमार ने हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के समय दिए गए ‘स्टेटहुड को मारो ठुड’ जैसे नारों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा का रवैया हमेशा प्रदेश की उन्नति के अनुकूल नहीं रहा है।उन्होंने कहा कि जब भी सरकार विकास को गति देने के लिए कोई कदम उठाती है, भाजपा की ओर से उस पर सवाल खड़े किए जाते हैं। विनय कुमार के मुताबिक, राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन प्रदेश के विकास और जनता की सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
कांगड़ा, मंडी और शिमला के पुनर्गठन से बढ़ सकती है विकास की रफ्तार
विनय कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन की मांग लंबे समय से उठती रही है। प्रदेश सरकार ने इस विषय पर विचार करने के लिए आयोग का गठन किया है, जो एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा, मंडी और शिमला जैसे बड़े जिलों की भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए पुनर्गठन पर विचार करना जरूरी है।उन्होंने कहा कि बड़े जिलों के दूरदराज क्षेत्रों तक प्रशासनिक सुविधाएं पहुंचाने में कई चुनौतियां आती हैं। ऐसे में नए जिलों के गठन से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और विकास कार्यों को गति देने में मदद मिल सकती है।
आयोग की रिपोर्ट के बाद होगा फैसला
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नए जिलों के गठन को लेकर सरकार जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेगी। गठित आयोग विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।विनय कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना और आम लोगों तक सुविधाओं की पहुंच आसान करना है। सरकार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही अंतिम निर्णय लेगी।