समर न्यूज | मानसा
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मानसा में कार्रवाई तेज कर दी है। जांच टीम ने गुरुवार को झोटा के पिता भीम सिंह, मां अमरजीत कौर और पत्नी मनप्रीत कौर को मंडी बोर्ड रेस्ट हाउस बुलाकर उनके बयान दर्ज किए। परिवार के साथ यह सीबीआई की दूसरी मुलाकात बताई जा रही है। इससे पहले टीम ने परिजनों से उनके घर पर भी बातचीत की थी।
सीबीआई की एक अन्य टीम हत्या के मुख्य आरोपी केमिस्ट अश्विनी कुमार और उसके सहयोगी विपिन कुमार के घर पहुंची। टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। इलाके में पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ते बंद किए। जांच एजेंसी की कार्रवाई का उद्देश्य घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाना और मामले की कड़ियों को समझना है।
आरोपियों की रिमांड लेने की तैयारी
सीबीआई ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित अपनी इकाई में नया मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले टीम मानसा के सिटी-2 थाने से केस के दस्तावेज और संबंधित रिकॉर्ड हासिल कर चुकी है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अश्विनी कुमार, उसकी पत्नी नीलम रानी और विपिन कुमार का पुलिस रिमांड समाप्त होने पर सीबीआई आगे की पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड मांग सकती है।
{पोस्टमार्टम पर सहमति नहीं, प्रदर्शन जारी: झोटा की हत्या के बाद से परिवार और समर्थक न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। 22 अक्टूबर तक उनके पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। परिवार और एक्शन कमेटी की मांगों पर प्रशासन के साथ बातचीत जारी है। पंजाब विधानसभा में भी झोटा को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
{घायलों के परिवारों को आर्थिक सहायता: एसजीपीसी ने गोलीबारी में घायल झोटा के चार साथियों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता दी है। जांच एजेंसी अब परिवार के बयानों, आरोपियों से पूछताछ और घटनाक्रम से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।