Summer express, हिसार। हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बस सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। लंबित वित्तीय भत्तों का भुगतान नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने शुक्रवार रात से ही बसों का संचालन बंद कर दिया। शनिवार 31 अक्टूबर को पूरे डिपो में हड़ताल के कारण कुल 259 बसें सड़कों पर नहीं उतरीं। इनमें हिसार डिपो की 181 और हांसी डिपो की 78 बसें शामिल हैं। बसों का रात्रि संचालन भी शुक्रवार रात करीब 3:30 बजे से बंद है।
हड़ताल को समाप्त कराने के लिए शुक्रवार को कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीन दौर की बातचीत हुई। रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल के साथ पहली बैठक हुई, जबकि बाद के दो दौर में एसडीएम ज्योति मित्तल ने कर्मचारी नेताओं से बातचीत की। रात करीब पौने दस बजे तक चली वार्ता में कोई सहमति नहीं बन सकी। अधिकारियों के रोडवेज परिसर से बाहर निकलते ही कर्मचारियों ने नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। स्थिति को देखते हुए बस अड्डा परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया।
कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सांझा संघर्ष समिति के नेतृत्व में धरना दे रहे हैं। यह धरना 38वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इससे पहले वीरवार को भी महाप्रबंधक ने सांझा मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी, लेकिन मांगों पर समाधान नहीं निकलने के कारण कर्मचारी नेताओं ने आधे घंटे बाद ही बैठक का बहिष्कार कर दिया था।
समिति के सदस्यों का कहना है कि कर्मचारियों को अपने वित्तीय अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, यह आंदोलन लंबित भत्तों के भुगतान, कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों का ठोस समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
यूनियन पदाधिकारी संदीप जैनावास ने बताया कि 31 अक्टूबर को हिसार डिपो में हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसके बाद 5 और 6 नवंबर को राज्य कमेटी के आह्वान पर प्रदेश स्तर पर हड़ताल की जाएगी। इस दौरान कर्मचारी नेता बजरंग लाखा, जितेंद्र शर्मा, अरुण शर्मा, अनूप श्योकंद, पवन कन्नोह, जोगेंद्र पंघाल और नरेंद्र खरड़ सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।