इस्लामाबाद | पाकिस्तान ने देश की लड़ाकू क्षमता को मजबूत करने के लिए एक नया सैन्य बल, ‘आर्मी रॉकेट फोर्स’ (ARFC) बनाने की घोषणा की है। यह घोषणा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 79वें स्वतंत्रता दिवस और भारत के साथ हालिया सैन्य टकराव के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कदम देश की सैन्य प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। हालांकि, नए बल की संरचना और जिम्मेदारियों के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई।
विश्लेषकों का मानना है कि नया बल पाकिस्तान के लंबे समय से सहयोगी चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स से प्रेरित है, जो परमाणु और पारंपरिक बैलिस्टिक, हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइलों के संचालन का काम करता है।
प्रधानमंत्री शरीफ ने मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव का हवाला देते हुए दावा किया कि पाकिस्तान ने उस संघर्ष में बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि “सिर्फ चार दिन में भारत का अहंकार टूट गया।” उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार व्यक्त किया और कहा कि ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम में हस्तक्षेप किया। इसके साथ ही उन्होंने कश्मीर विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुसार करने पर जोर दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि आर्मी रॉकेट फोर्स के गठन से क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है और यह कदम पड़ोसी देशों की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाएगा।