Ambala, 15 September
बीते दिनों हुई भारी बारिश और बाढ़ ने अंबाला और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तबाही मचा दी है। खेतों में जलभराव और मिट्टी भरने से किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। किसानों का कहना है कि इस बार उनकी 100% फसल खराब हो चुकी है और वे सरकार से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
पिछली बार का मुआवजा भी नहीं मिला
किसानों ने आरोप लगाया है कि सरकार ने मुआवजे के लिए पोर्टल तो खोल दिया है, लेकिन पिछली बार भी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के बावजूद उन्हें राशि नहीं मिली। किसानों का कहना है कि इस बार भी वही हालात नजर आ रहे हैं।
30 से 100% तक नुकसान
अंबाला और आसपास के गांवों में कहीं 30 से 40 प्रतिशत तक फसल को नुकसान हुआ है, तो कहीं खेत पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। किसानों का कहना है कि अनाज की बालियां टूट कर बिखर गई हैं और अब खेतों में कुछ भी बचा नहीं है।
लागत से भी कम मुआवजा
किसानों ने नाराज़गी जताई है कि सरकार द्वारा तय मुआवजा उनकी लागत से कई गुना कम है। उनका कहना है कि कम से कम उत्पादन लागत के बराबर राशि दी जानी चाहिए ताकि वे अपनी आर्थिक स्थिति संभाल सकें।
किसानों की मांग है कि सरकार तत्काल प्रभाव से राहत राशि जारी करे और फसल नुकसान का सही आकलन कराकर उन्हें न्यायपूर्ण मुआवजा दिया जाए।