गाजा/वॉशिंगटन। गाजा संकट को खत्म करने के लिए बड़ी खबर सामने आई है। आतंकी संगठन हमास ने शुक्रवार को ऐलान किया कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के तहत सभी इजरायली बंधकों—चाहे जीवित हों या मृत—को रिहा करने को तैयार है। हमास ने यह भी कहा कि वह समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तुरंत मध्यस्थों से बातचीत शुरू करेगा।
हमास का यह बयान उस समय आया जब राष्ट्रपति ट्रंप ने उसे अल्टीमेटम दिया कि रविवार शाम 6 बजे (वॉशिंगटन समयानुसार) तक समझौता न होने पर उसके “अभूतपूर्व नतीजे” भुगतने होंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा—“यह आखिरी मौका है। अगर समझौता नहीं हुआ तो हमास पर ऐसा प्रहार होगा, जैसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा। किसी भी हालत में मध्य पूर्व में शांति स्थापित होगी।”
ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना में प्रमुख बिंदु:
- गाजा में तुरंत युद्धविराम लागू होगा।
- सभी इजरायली बंधकों को छोड़ा जाएगा।
- बदले में इजरायल फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा।
- इजरायली सेना धीरे-धीरे गाजा से हटेगी।
- गाजा का प्रशासन एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी तकनीकी सरकार को सौंपा जाएगा, जिसे अरब और इस्लामी देशों का समर्थन मिलेगा।
- अंततः हमास को पूर्णतः निर्अस्त्र होना होगा।
ट्रंप ने इस योजना को “3000 सालों में मध्य पूर्व में स्थायी शांति का सबसे बड़ा समझौता” बताया।
संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया
यूएन महासचिव ने हमास के बयान का स्वागत किया। प्रवक्ता स्टीफ़न दुजारिक ने कहा—“यह सही समय है कि सभी पक्ष निर्दोष नागरिकों की रक्षा करें और इस त्रासदी का अंत करें।”
पृष्ठभूमि: 7 अक्टूबर 2023 का हमला
गौरतलब है कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हुई थी, जब यहूदी त्योहार सिमचत तोरा के दिन हमास ने इजरायल पर सबसे बड़ा हमला किया। इस हमले में 4,000 से अधिक रॉकेट दागे गए, सीमा को 119 जगहों से तोड़ा गया और 21 कस्बों में घुसपैठ की गई। इस हमले में 1,195 लोग मारे गए और करीब 250 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया।
तब से गाजा में लगातार इजरायली बमबारी जारी है। लाखों फिलिस्तीनी विस्थापित हो चुके हैं, बिजली-पानी की भारी कमी है और अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं।