चंडीगढ़ | हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में हरियाणा पुलिस की रैंकिंग में गिरावट आई है और राज्य में 80 से अधिक गैंग सक्रिय हैं।
हुड्डा ने इंडिया जस्टिस रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि 18 बड़े राज्यों में हरियाणा पुलिस अब 14वें स्थान पर है, जबकि पांच साल पहले यह आठवें स्थान पर थी। पड़ोसी राज्य पंजाब सातवें और बिहार हरियाणा से चार पायदान ऊपर है। इस रिपोर्ट में पुलिस, न्यायपालिका, जेल और कानूनी सहायता के प्रदर्शन का आकलन किया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एससी और ओबीसी अधिकारियों के साथ भेदभाव कर रही है। पुलिस में एससी अधिकारियों की महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति हरियाणा में 18 राज्यों में 17वें स्थान पर है। ओबीसी कांस्टेबल के मामले में भी राज्य का स्थान 17वां है।
हुड्डा ने कहा कि राज्य में 38.9 प्रतिशत कांस्टेबल और 17.8 प्रतिशत महिला पुलिस पद खाली हैं। पुलिस कर्मियों पर काम का अत्यधिक भार है, जबकि प्रति व्यक्ति पुलिस खर्च केवल 1,908 रुपये है। ग्रामीण क्षेत्रों में 1 लाख 9 हजार 325 लोगों की आबादी पर केवल एक थाना है, जबकि केरल में 23 हजार 992 लोगों की आबादी पर एक थाना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण विभाग और जनता दोनों का भरोसा खो चुका है। हाल ही में एडीजीपी रैंक के अधिकारी और एक एएसआइ ने आत्महत्या की। कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग की, लेकिन सरकार जांच में टालमटोल कर रही है।
हुड्डा ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह अस्थिर हो गई है और सरकार की नीतियों के कारण अपराध बढ़ रहे हैं।