Summer express, रोहतक | हरियाणा के रोहतक जिले में पुलिस हिरासत में एक 51 वर्षीय व्यक्ति की मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। गांव टिटोली निवासी नरेश कुमार की जिला अपराध जांच शाखा-2 की हिरासत के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, अपराध जांच शाखा-2 की टीम ने नरेश कुमार को देर शाम पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसके साथ सख्ती बरती, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। रात के समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, रोहतक के शवगृह में रखवा दिया है। परिजनों ने इस घटना को पुलिस की मारपीट और प्रताड़ना का परिणाम बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि हिरासत के दौरान नरेश कुमार को हृदयाघात हुआ था। तबीयत बिगड़ने पर उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस का कहना है कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पहले ही अपराध जांच शाखा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि टीमें बिना वर्दी और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों में घूमती हैं और आम लोगों के साथ सख्ती से पेश आती हैं।
घटना के बाद गांव टिटोली में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।