Summer Express,गुरुग्राम | गुरुग्राम में कई इमारतों में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। दिल्ली में हाल ही में हुई भयानक आग की घटना के बाद जिले में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों, लैब, स्कूल-कॉलेज और हाईराइज भवनों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
विभाग के अनुसार, बिना फायर एनओसी संचालित होने वाले संस्थानों पर नोटिस जारी किए जाएंगे और निर्धारित समय में नियमों का पालन न करने पर इमारतों को सील करने के साथ भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। पिछले तीन वर्षों में भी प्रशासन ने 2023 में 189, 2024 में 168 और 2025 में 182 नोटिस जारी किए हैं।
गुरुग्राम जिले में लगभग 795 निजी और सरकारी अस्पताल एवं लैब संचालित हैं, जबकि 578 शिक्षण संस्थान स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर भी जांच के दायरे में लाए जा रहे हैं। विभाग की टीम क्षेत्रवार निरीक्षण करेगी और हर संस्थान से वैध फायर एनओसी की स्थिति की जानकारी ली जाएगी।
साइबर सिटी की लगभग 600 हाईराइज रेजिडेंशियल सोसायटियों में से करीब 100 में अब तक फायर एनओसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। हरियाणा बिल्डिंग कोड के अनुसार 15 मीटर से ऊंची इमारतों में स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर अलार्म, हाइड्रेंट और इमरजेंसी एग्जिट जैसी सुविधाएं अनिवार्य हैं।
फायर एनओसी निश्चित अवधि के लिए वैध होती है और समय-समय पर इसका नवीनीकरण कराना जरूरी है। बिना एनओसी संचालन को फायर सेफ्टी एक्ट का उल्लंघन माना जाता है। किसी दुर्घटना की स्थिति में इमारत प्रमुख जिम्मेदार होंगे।
जिले के सेक्टर-29, उद्योग विहार, भीमनगर, सेक्टर-37, पटौदी, मानेसर और सोहना में दमकल केंद्र मौजूद हैं, लेकिन 100 मीटर ऊंचाई वाले हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की कमी अभी बनी हुई है। इसकी खरीद प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद अभी तक पूरी नहीं हुई है।