Summer Express,पिहोवा (कुरुक्षेत्र) | कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में सामने आए कथित धान घोटाले में नया मोड़ आ गया है। लगातार तीसरे दिन एक और ऑडियो वायरल होने से विवाद गहराता जा रहा है। इस ऑडियो में राइस मिलरों के बीच फिजिकल वेरिफिकेशन (पीवी) टीम को लेकर बातचीत और ‘सेटिंग’ के संकेत मिलने का दावा किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह ऑडियो मिलर एसोसिएशन के एक व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया गया था। इसमें सभी मिलरों को एक ‘अर्जेंट मीटिंग’ के लिए पिहोवा स्थित अंबे राइस मिल में इकट्ठा होने का संदेश दिया गया। ऑडियो में कहा गया है कि पीवी टीम सख्त रुख अपना रही है, इसलिए अधिक संख्या में पहुंचकर स्थिति को संभालने की जरूरत है।
सूत्रों के अनुसार, इसी कथित बैठक के दौरान पीवी टीम से ‘सेटिंग’ को लेकर बातचीत हुई और प्रति राइस मिल करीब 15 हजार रुपये तय होने की बात सामने आई। हालांकि, इन दावों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार वायरल हो रहे ऑडियो ने मामले को संवेदनशील बना दिया है।
इससे पहले भी दो ऑडियो सामने आ चुके हैं, जिनमें अधिकारियों और मिलरों के बीच कथित मिलीभगत के संकेत मिलने की बात कही गई थी। तीसरे ऑडियो के सामने आने के बाद यह आशंका और मजबूत हो गई है कि फिजिकल वेरिफिकेशन प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
वहीं, ऑडियो में नाम आने के बाद मिलर सतीश सिंगला ने इन आरोपों से पल्ला झाड़ लिया है। उनका कहना है कि उनका अंबे राइस मिल से कोई संबंध नहीं है और उनकी अपनी मिल ‘गणपति’ के नाम से संचालित होती है, जिसकी वेरिफिकेशन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अंबे राइस मिल करीब 10 साल पहले बंद हो चुकी है।
दूसरी ओर, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) नरेश कुमार ने कहा कि मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस तरह की कोई शिकायत मिलती है तो नियमों के अनुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मिलर एसोसिएशन के प्रधान सतीश सैनी ने भी वायरल ऑडियो की सत्यता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में इस तरह के ऑडियो-वीडियो बनाना आसान हो गया है, इसलिए बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।