Summer Express, पालमपुर (कांगड़ा) | उपमंडल पालमपुर के राख निवासी त्रिलोकचंद और उनके सहयोगी संजय कुमार एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन का सामना कर रहे हैं। दोनों भेड़-बकरियों को चराने के लिए पास के एक चारागाह में गए थे और अपने मेमनों को गोठ (पशुशाला) में छोड़ आए। जब वे लौटे तो उन्हें पता चला कि अज्ञात जंगली जानवरों ने उनके गोठ में रखे 31 मेमनों को मार डाला है।
घटना की सूचना मिलते ही भाजपा के प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने तुरंत पीड़ित परिवारों से संपर्क किया और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं पशुपालकों के लिए गंभीर आर्थिक और मानसिक नुकसान का कारण बनती हैं और प्रशासन को ऐसी घटनाओं पर तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए।
घटना की जानकारी मिलते ही वन मंडल अधिकारी और उपमंडल अधिकारी पालमपुर को भी सूचित किया गया। पशुपालन और राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। विभाग ने यह आश्वासन दिया है कि वे इस घटना में हुए नुकसान का आंकलन करेंगे और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में काम करेंगे।
स्थानीय लोग इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि जंगल और ग्रामीण इलाकों के बीच लगातार बढ़ते संपर्क की वजह से जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से अपील की है कि गांव के चारागाहों और गोठों के आसपास सुरक्षा उपाय किए जाएँ ताकि भविष्य में इस तरह के नुकसान से बचा जा सके।
त्रिलोकचंद और संजय कुमार अब अपने खोए हुए मेमनों के कारण भारी आर्थिक नुकसान का सामना कर रहे हैं। उन्होंने विभाग और प्रशासन से अपील की है कि उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति स्थिर हो सके और वे पशुपालन के काम को जारी रख सकें।