Summer express,चंडीगढ़। हरियाणा में सामने आए आईडीएफसी बैंक घोटाले में कार्रवाई तेज करते हुए हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के वित्त निदेशक अमित दिवान को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी खातों के माध्यम से सरकारी धन का दुरुपयोग किया।
जांच में सामने आया है कि 27 फरवरी 2024 को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा में “एचपीजीसीएल ड्राई फ्लाई ऐश फंड” के नाम से खाता खोला गया था। इस खाते में करीब 50 करोड़ रुपये जमा किए गए थे, जिनमें से कई लेन-देन संदिग्ध और फर्जी पाए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जिस बैंक में यह खाता खोला गया, वह उस समय सरकार की अधिकृत सूची में शामिल नहीं था। इसके बावजूद नियमों को दरकिनार कर खाता खुलवाया गया। आरोप है कि इस खाते के जरिए बड़ी राशि को निजी संस्थाओं और शेल कंपनियों में स्थानांतरित किया गया।
जांच में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का नाम भी सामने आया है, जहां से भी लेन-देन किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पूरे मामले में अन्य अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सरकारी एजेंसियां अब इस घोटाले से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और सरकारी धन की वसूली के प्रयास भी किए जाएंगे।
यह मामला राज्य में वित्तीय पारदर्शिता और बैंकिंग प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी और नियमों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।