खुद करोड़ों का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया, डेवलपर्स से 1000 करोड़ की वसूली पर सख्ती दिखा रहा गमाडा

Karuna
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Summer express, मोनिका रावत , मोहाली l बिल्डरों और डेवलपर्स से 1000 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि की वसूली के लिए सख्त कार्रवाई की चेतावनी देने वाला ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) स्वयं नगर निगम मोहाली का करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया दबाए बैठा है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कई वर्षों से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद गमाडा ने न तो बकाया कर का भुगतान किया है और न ही अपनी संपत्तियों का पूरा विवरण उपलब्ध कराया है।

सूत्रों के मुताबिक मोहाली नगर निगम और गमाडा के बीच प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। नगर निगम का दावा है कि गमाडा की विकसित और अविकसित दोनों तरह की कई संपत्तियों पर वर्षों से कर बकाया है। ब्याज और जुर्माने को जोड़ने पर यह राशि अब करोड़ों रुपये तक पहुंच चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में गमाडा की बड़ी संख्या में संपत्तियां मौजूद हैं, लेकिन उनके संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण वास्तविक कर देनदारी का सही आकलन नहीं हो पा रहा।

नगर निगम का कहना है कि वह हर वर्ष गमाडा को नोटिस जारी करता रहा है, लेकिन अब तक न तो कर राशि जमा कराई गई और न ही मांगी गई जानकारी पूरी तरह उपलब्ध कराई गई। इसी वर्ष मार्च में निगम ने गमाडा को पत्र भेजकर उसकी सभी संपत्तियों का विस्तृत रिकॉर्ड मांगा था। इसमें हॉकी स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्विमिंग पूल, वेरका बूथ, शराब के ठेके, कमर्शियल बूथ, शोरूम, खाली प्लॉट, लीज पर दी गई संपत्तियां और बेची जा चुकी जमीनों का ब्यौरा शामिल था। निगम का कहना है कि सही टैक्स निर्धारण और राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए यह जानकारी बेहद आवश्यक है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में गमाडा ने बकायादार बिल्डरों और डेवलपर्स की सूची सार्वजनिक करते हुए दावा किया था कि विभिन्न रियल एस्टेट संस्थाओं पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया है। साथ ही वसूली सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। ऐसे में गमाडा पर स्वयं करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होने का मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स उसकी आय का प्रमुख स्रोत है। पिछले वित्त वर्ष में निगम ने 56.75 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स एकत्र किया था, जबकि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में जून के मध्य तक करीब 6 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।

मामले पर गमाडा के अतिरिक्त मुख्य प्रशासक ने कहा कि नगर निगम का पत्र प्राप्त हो चुका है और आवश्यक कार्रवाई के लिए उसे मुख्यालय भेज दिया गया है। वहीं हाल ही में कार्यभार संभालने वाले एस्टेट ऑफिसर ने बताया कि नगर निगम को जल्द ही सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध करा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार जो भी टैक्स देनदारी बनती है, उसका आकलन और सत्यापन करने के बाद भुगतान किया जाएगा।

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