summer express, ईटानगर | अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर जिले का पोटिन क्षेत्र 24 जून को हुई मूसलाधार बारिश, बादल फटने और उसके बाद आई विनाशकारी बाढ़ के कारण अब भी राज्य के अन्य हिस्सों से कटा हुआ है। प्राकृतिक आपदा के चलते पोसा गांव स्थित NEEPCO कॉलोनी में भारी तबाही मची, जिसमें पांच लोग लापता हो गए थे। जिला प्रशासन ने अब तक एक महिला का शव बरामद किया है, जबकि अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, आपदा प्रभावित NEEPCO कॉलोनी पोटिन से महज नौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, लेकिन भारी भूस्खलन के कारण पोटिन-पोसा गांव मार्ग तथा पोटिन को याचुली और जीरो से जोड़ने वाली प्रमुख सड़कें अभी तक बहाल नहीं हो सकी हैं। इसके चलते पूरा इलाका यातायात और आवश्यक सेवाओं से प्रभावित बना हुआ है।
बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO), जिला प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर युद्धस्तर पर राहत और सड़क बहाली कार्य में जुटे हुए हैं। हालांकि, कई स्थानों पर सड़कें बह जाने और बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन के कारण बहाली कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि 24 जून की सुबह का मंजर बेहद भयावह था। पोटिन निवासी सजल पंडित के मुताबिक, क्षेत्र की लगभग सभी पहाड़ियों पर भूस्खलन हुआ, जबकि बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ ने NEEPCO कॉलोनी में कई मकानों और संपत्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके अलावा बड़ी संख्या में वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
पोटिन क्षेत्र के निवासी और पूर्व पंचायत सदस्य लिची बाका ने बताया कि क्षेत्र अभी भी राज्य के अन्य हिस्सों से पूरी तरह कटा हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे अपने जीवन की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में से एक बताया।
प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है तथा प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बहाल करने के प्रयास लगातार जारी हैं।