Kurukshetra,10 July — नेशनल हाईवे-152 पर अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर शुरू हुआ किसान-प्रशासन टकराव अब थमता नजर आ रहा है। मंगलवार की रात करीब 12 बजे भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी और कुरुक्षेत्र DC के बीच सुलह हो गई, जिसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर घर वापसी की।
इससे पहले, गुरनाम सिंह चढूनी ने DC पर वादा खिलाफी और रूखे व्यवहार का आरोप लगाया था, जिससे नाराज किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। किसानों ने बुधवार को भी बड़े स्तर पर एकत्र होने की कॉल दी थी, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसान नेताओं से बातचीत की। लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और धरना खत्म कर दिया गया।
गुरनाम सिंह चढूनी का बयान:
“हमने मुआवजे को लेकर अपनी बात रखी थी लेकिन DC का रवैया असहयोगात्मक रहा। हालांकि, देर रात बातचीत के बाद समाधान निकला है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसानों की मांगों पर विचार होगा।”इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि किसान अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह एकजुट हैं और प्रशासन को भी अब संवाद के जरिए समाधान की राह अपनानी होगी।
मुख्य बिंदु:
- हाईवे-152 पर अधिग्रहित जमीन का उचित मुआवजा किसानों की मुख्य मांग
- गुरनाम सिंह चढूनी ने DC पर किया वादाखिलाफी का आरोप
- नाराज किसानों ने दिया था लघु सचिवालय पर धरना
- देर रात प्रशासन से बातचीत के बाद बनी सहमति
- किसान फिलहाल घर लौटे, लेकिन समाधान के ठोस कदम की रखी उम्मीद