लक्की भट्टी | लुधियाना
समर न्यूज
सिविल लाइन स्थित श्री सिद्ध पीठ श्री दंडी स्वामी मंदिर में श्री राधा गोविंद सरकार एवं श्री दंडी स्वामी महाराज जी की असीम कृपा, आशीर्वाद एवं शुभ इच्छा से आयोजित सात दिवसीय श्री भक्तमाल कथा के छठे दिन बुधवार को श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से कथा का श्रवण किया।
कथा का आयोजन पं. श्री राज कुमार शर्मा जी की अध्यक्षता में किया जा रहा है।वृंदावन से पधारे राष्ट्रीय संत परम श्रद्धेय श्री गोरदास जी महाराज ने कथा के दौरान भक्त नारद जी की अद्भुत कथा सुनाते हुए कहा कि भजन और उपासना मनमुखी नहीं, बल्कि गुरुमुखी होनी चाहिए। अर्थात गुरुजी जैसा आदेश दें, हमें उसी के अनुसार कार्य करना चाहिए। यदि गुरुजी माला करने का आदेश दें तो माला के माध्यम से प्रभु की प्राप्ति होगी और यदि गुरुजी नाली साफ करने के लिए कहें तो निष्काम भाव से उनकी आज्ञा का पालन करने पर नाली साफ करने में भी प्रभु की प्राप्ति हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस पत्थर को जितना अधिक तराशा जाता है और जितनी अधिक चोट पड़ती है, उसकी कीमत उतनी ही बढ़ती जाती है। इसी प्रकार गुरु द्वारा दी गई सीख और परीक्षाएं भक्त के जीवन को निखारती हैं।महाराज जी ने बताया कि प्रथम बार जब नारद जी को ब्रह्मा जी ने सृष्टि का विस्तार करने के लिए कहा तो नारद जी ने रूखे भाव से यह कहते हुए मना कर दिया कि वह यह कार्य नहीं करेंगे। ब्रह्मा जी नारद जी के गुरु भी थे और पिता भी। गुरु की आज्ञा का पालन न करने के कारण नारद जी को तीन अलग-अलग जन्म लेने पड़े।
तीसरे जन्म में गुरु से क्षमा मांगने पर गुरु कृपा हुई और ब्रह्मा जी ने ही नारद जी को चतुश्लोकी भागवत का ज्ञान प्रदान किया। आगे संत गोरदास जी महाराज ने बताया कि राजा दक्ष ने नारद जी को श्राप दिया था कि वह कहीं भी दो घड़ी से अधिक नहीं टिक पाएंगे। नारद जी ने श्राप को स्वीकार कर लिया। इसके बावजूद उन्होंने सात दिन तक एक स्थान पर बैठकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। महाराज ने कहा कि यदि हम सच्चे संत से सच्चे भाव से भगवान की कथा अथवा भक्तमाल कथा सुनते हैं तो कथा श्रवण के समय श्राप भी हम पर प्रभाव नहीं डाल सकता। इस अवसर पर पं. श्री राज कुमार शर्मा जी ने कहा कि संत श्री गोरदास जी महाराज द्वारा सुनाई जा रही भक्तमाल कथा अद्भुत एवं प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि सात दिवसीय श्री भक्तमाल कथा का आयोजन 14 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 8:30 बजे तक किया जाएगा।