Summer express, गोहाना (सोनीपत)। गन्नौर के गांव गढ़ी बिंदला स्थित राजकीय स्कूल में 6 अगस्त को गेट का मलबा गिरने से छात्र की मौत के बाद शिक्षा विभाग ने जिले के सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूल मुखियाओं को स्कूल भवन और परिसर की हर ऐसी संरचना की जांच करने के निर्देश दिए हैं, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
अब स्कूलों में केवल मुख्य गेट की स्थिति की जांच नहीं होगी, बल्कि पुराने गेट, चारदीवारी, छज्जे, बरामदे, कमरों, बास्केटबॉल कोर्ट के पोल और अन्य निर्माणों का भी निरीक्षण किया जाएगा। किसी भी हिस्से में दरार, टूट-फूट या जर्जर स्थिति मिलने पर तत्काल अधिकारियों को सूचना देने और विद्यार्थियों की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
जर्जर भवनों और कमरों को सुरक्षित रखने के लिए उनकी फेंसिंग कराने, चेतावनी बोर्ड लगाने और विद्यार्थियों को ऐसे स्थानों से दूर रखने पर जोर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर जर्जर कमरों को सील कराया जाएगा। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिन भवनों को पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका है, उन्हें केवल कागजों में बंद न रखा जाए, बल्कि उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। आवश्यकता होने पर वहां चल रही कक्षाओं को सुरक्षित कमरों में स्थानांतरित किया जाएगा।
गढ़ी बिंदला स्कूल हादसे के बाद हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए जिले के जर्जर और असुरक्षित सरकारी स्कूल भवनों की स्थिति तथा उनकी सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे हादसे
सोनीपत जिले में जर्जर भवनों से जुड़े हादसे पहले भी हो चुके हैं। जुलाई 2024 में चिटाना स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में कमरे की छत से मलबा गिरने से दो विद्यार्थी घायल हुए थे। निरीक्षण के बाद दो जर्जर कमरों को सील कर दिया गया था।
फरवरी 2024 में बरोदा स्थित राजकीय महाविद्यालय में भी भवन की छत का प्लास्टर गिर गया था। हालांकि उस समय विद्यार्थी या कर्मचारी इसकी चपेट में नहीं आए थे। वहीं, जुलाई 2026 में रोहट गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जर्जर इमारत भी गिर गई थी। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई थी।
गोहाना सब्जी मंडी में भी जुलाई 2022 में जर्जर लोहे के दो शेड गिरने से दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 17 लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद वहां नया शेड बनाया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हैं कि वे भवनों और परिसर में मौजूद सभी संरचनाओं की स्थिति पर गंभीरता से नजर रखें। किसी भी तरह की कमी सामने आने पर तत्काल अधिकारियों को सूचित कर संबंधित हिस्से में विद्यार्थियों का प्रवेश बंद कराया जाए।