summer express , नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के चलते भारी बारिश का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के अलावा कर्नाटक, असम, केरल और तमिलनाडु में भी तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि कई मैदानी इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, नगालैंड, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, दक्षिण कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु और पुडुचेरी में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
असम में लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ जैसे हालात से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में सड़कें प्रभावित हुई हैं। चंबा जिले में कोडला-उरई-घरोड़ सड़क पर पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिरने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। भूस्खलन के कारण इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है।
बिहार में भी बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। भागलपुर के राघोपुर गांव में राघोपुर-नरकटिया तटबंध टूट गया, जिससे आसपास के इलाकों में पानी फैलने का खतरा पैदा हो गया है। तटबंध टूटने से करीब 10 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। बेगूसराय में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने के कारण यहां भी बाढ़ की स्थिति गंभीर होने की आशंका है और हालात बिगड़ने पर 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर धारचूला-गुंजी के पास 25 अगस्त को भूस्खलन हुआ। मलबा सड़क पर आने के कारण मार्ग पर लंबा जाम लग गया और दोनों तरफ यात्री व अन्य लोग फंस गए। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी बारिश और बढ़ते गंगा जलस्तर ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गंगा का पानी बढ़ने से 84 घाट जलमग्न हो गए हैं। घाटों के आसपास स्थित करीब पांच हजार दुकानों के बंद होने से स्थानीय कारोबार भी प्रभावित हुआ है।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में भी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति देखने को मिली। कई स्थानों पर घुटनों तक पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कई राज्यों में प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ा दी गई है।