Summer express,रोहतक। जिले के गांव खिड़वाली में ग्रामीणों ने पाखंडवाद और अंधविश्वास के खिलाफ अपनी मुहिम को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने आर्य समाज की ओर से चलाए जा रहे अभियान का समर्थन करते हुए रामपाल की विचारधारा का विरोध करने की बात कही। ग्रामीणों का आरोप है कि रामपाल ने सनातन धर्म और हिंदू देवी-देवताओं को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव में पाखंड और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान जारी रहेगा। उनका कहना है कि वे किसी भी तरह के ढोंग या भ्रामक धार्मिक प्रचार को बढ़ावा देने के पक्ष में नहीं हैं। ग्रामीणों ने लोगों से भी ऐसी विचारधाराओं और दावों को लेकर सतर्क रहने की अपील की।
ग्रामीण डॉ. जगदीश ने आरोप लगाया कि रामपाल की ओर से सनातन धर्म और हिंदू देवी-देवताओं को लेकर की गई कथित टिप्पणियों से समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने भगवान राम, हनुमान और परशुराम को लेकर कथित बयानों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि समाज में पाखंडवाद और अंधविश्वास को समाप्त करने के लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी है।
ग्रामीण प्रमोद कुमार ने कुछ लोगों के खुद को हुड्डा खाप का प्रतिनिधि बताकर रामपाल से मुलाकात करने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की निजी मुलाकात या बयान को पूरी खाप की राय नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि रामपाल की ओर से प्रकाशित कुछ पुस्तकों के माध्यम से लोगों के बीच कथित तौर पर भ्रम फैलाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने पाखंडवाद के खिलाफ धर्मेंद्र हुड्डा की ओर से चलाए जा रहे अभियान का भी समर्थन किया। उनका कहना है कि गांव खिड़वाली के लोग अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ एकजुट हैं और इस मुहिम को आगे भी जारी रखा जाएगा।
गांव के 97 वर्षीय बुजुर्ग जागेराम ने भी रामपाल की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी विचारधारा का मूल्यांकन उसके सिद्धांतों, नियमों और उद्देश्यों के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज अब बिना जांचे-परखे किसी भी बात को स्वीकार करने के बजाय तथ्यों और तर्क के आधार पर निर्णय लेगा।
हुड्डा खाप के कार्यकारी प्रधान रामफूल ने कहा कि रामपाल से मिलने वाले लोगों का फैसला व्यक्तिगत हो सकता है और इसे पूरी खाप का निर्णय नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि हुड्डा खाप सामाजिक न्याय और पाखंड के विरोध की अपनी परंपरा के तहत ऐसी गतिविधियों का विरोध करती रहेगी। उन्होंने कहा कि खाप पाखंड और अंधविश्वास फैलाने वालों का सामाजिक स्तर पर विरोध करेगी।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि पाखंडवाद और अंधविश्वास के खिलाफ उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा। हालांकि, रामपाल या उनके समर्थकों की ओर से ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर इस खबर के लिए कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।