Summer express/शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन राष्ट्रगान को लेकर उठा विवाद और गहरा गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की ओर से वीडियो क्लिप के आधार पर सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा विधानसभा के कैमरों की तकनीकी व्यवस्था का हवाला देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रगान के दौरान विपक्ष की ओर से व्यवधान हुआ था, लेकिन कैमरे का फोकस दूसरी दिशा में होने के कारण वह वीडियो रिकॉर्डिंग में दिखाई नहीं दिया।
कैमरे के फोकस को लेकर नेगी की सफाई
जगत सिंह नेगी ने कहा कि विधानसभा में कैमरे का संचालन एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत होता है। जिस सदस्य को विधानसभा अध्यक्ष बोलने की अनुमति देते हैं, कैमरा सामान्य तौर पर उसी सदस्य पर केंद्रित रहता है। यदि इसी दौरान कोई दूसरा सदस्य बीच में बोलता है या व्यवधान पैदा करता है तो कैमरा स्वतः उस ओर नहीं घूमता। राष्ट्रगान से पहले अध्यक्ष सदन को संबोधित कर रहे थे और कैमरा उन्हीं पर केंद्रित था। इसलिए यदि विपक्षी सदस्यों की ओर से कोई टिप्पणी या व्यवधान हुआ, तो उसका कैमरे में दिखाई न देना यह साबित नहीं करता कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं।
राष्ट्रगान के दौरान व्यवधान का आरोप
नेगी ने विधानसभा की परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि सत्र की शुरुआत में विधानसभा अध्यक्ष सदस्यों का स्वागत करते हैं और इसके बाद राष्ट्रगान के साथ सदन की कार्यवाही आगे बढ़ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान विपक्ष की ओर से व्यवधान किया गया। उनका कहना था कि सदन में उपलब्ध अन्य रिकॉर्डिंग और संबंधित सामग्री की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।कैबिनेट मंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कैमरे का फोकस किसी एक व्यक्ति पर होना पूरी कार्यवाही की तस्वीर नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इसी तकनीकी स्थिति का राजनीतिक लाभ उठाकर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, जिससे जनता को यह लगे कि राष्ट्रगान के दौरान कोई व्यवधान हुआ ही नहीं। नेगी ने कहा कि विपक्ष चाहे तो विधानसभा में उपलब्ध अन्य रिकॉर्ड और सामग्री की जांच कर सकता है।
जयराम के आरोपों पर नेगी का पलटवार
जयराम ठाकुर द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए नेगी ने कहा कि भाजपा हर मुद्दे को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक रंग देने की कोशिश करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश के इतिहास और वर्तमान परिस्थितियों को भी अपने राजनीतिक एजेंडे के अनुसार प्रस्तुत करती रही है।
राष्ट्रगीत को लेकर भी सरकार का पक्ष
वंदे मातरम् और राष्ट्रगान को लेकर चल रही बहस पर भी जगत सिंह नेगी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि संविधान में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों के प्रति सम्मान की भावना है। नेगी ने दावा किया कि कांग्रेस लंबे समय से अपने कार्यक्रमों और सरकारी आयोजनों में राष्ट्रगीत को सम्मान देती रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा की भी अपनी स्थापित परंपरा है। सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से होती है, जबकि अंतिम दिन राष्ट्रगीत के साथ कार्यवाही समाप्त करने की परंपरा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार ने कभी राष्ट्रगीत को रोकने का प्रयास नहीं किया।
15 अगस्त के कार्यक्रम पर भी उठाए सवाल
15 अगस्त के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए नेगी ने कहा कि इस बार राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रगीत गाया गया। हालांकि, उनके अनुसार उस समय राष्ट्रीय ध्वज को विधिवत फहराया जाना बाकी था और इसलिए कार्यक्रम की यह व्यवस्था परंपरा के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने भाजपा पर अपनी विचारधारा हर मुद्दे में थोपने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
भाजपा के राष्ट्रवाद पर नेगी का हमला
नेगी ने भाजपा की राष्ट्रवाद की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान भाजपा की विचारधारा की भूमिका नहीं थी और अब आजादी के दशकों बाद राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान जैसे विषयों को राजनीतिक विवाद में बदला जा रहा है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रवाद को “फर्जी राष्ट्रवाद” बताते हुए कहा कि यदि भाजपा वास्तव में राष्ट्रहित को लेकर गंभीर है तो उसे केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
चीन सीमा तक तिरंगा यात्रा की चुनौती
इसी क्रम में नेगी ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि पार्टी खुद को इतना राष्ट्रवादी मानती है तो तिरंगा यात्रा चीन सीमा तक लेकर जाए। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश सहित उन इलाकों में भी तिरंगा यात्रा निकालने की बात कही, जहां चीन को लेकर देश में गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं।
महंगाई और नीट जैसे मुद्दों का जिक्र
राजस्व मंत्री ने आरोप लगाया कि देश के सामने कई महत्वपूर्ण मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन इन पर चर्चा करने के बजाय जनता का ध्यान राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत जैसे विवादों की ओर मोड़ा जा रहा है। उन्होंने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, महंगाई, विदेशी ताकतों से जुड़े सवाल, भारत की जमीन से संबंधित चिंताओं और मुक्त व्यापार समझौते जैसे मुद्दों का उल्लेख किया। नेगी का आरोप था कि भाजपा इन गंभीर विषयों से ध्यान हटाने के लिए राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के बीच विवाद को राजनीतिक मुद्दा बना रही है।
विशेषाधिकार प्रस्ताव पर भी साधा निशाना
जयराम ठाकुर द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने और हाईकोर्ट जाने की बात पर भी नेगी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। नेगी के मुताबिक विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सदस्यों को विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं और सदन के भीतर कही गई बातों को सामान्य कानूनी कार्रवाई के दायरे में उसी तरह नहीं देखा जा सकता।
सदन में बोलने की स्वतंत्रता का दिया हवाला
उन्होंने कहा कि संविधान ने संसद और विधानसभा के सदस्यों को सदन के भीतर अपनी बात रखने की स्वतंत्रता दी है। ऐसे में विपक्ष की ओर से मानहानि अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई की चेतावनी वास्तविक संवैधानिक स्थिति से अलग है। नेगी ने जयराम ठाकुर के बयानों पर कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष की बातों को गंभीरता से नहीं लेते और उन पर जनता को गुमराह करने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
सवाल-जवाब के समय पर जयराम को घेरा
विधानसभा में सवाल-जवाब के दौरान समय के मुद्दे पर भी नेगी ने जयराम ठाकुर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष खुद लंबे सवाल पूछते हैं और अनुपूरक प्रश्नों में भी काफी समय लेते हैं, लेकिन जब मंत्री उनके सवालों का विस्तृत जवाब देते हैं तो उन्हें जवाब लंबा होने की शिकायत रहती है।
आठ मिनट के अनुपूरक सवाल का किया जिक्र
नेगी ने दावा किया कि जयराम ठाकुर के अनुपूरक सवाल पूछने का रिकॉर्ड करीब आठ मिनट तक का रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के नियमों में कहीं यह नहीं लिखा है कि किसी सदस्य के “संतुष्ट” होने तक जवाब दिया जाना अनिवार्य है। यदि किसी सदस्य को लगता है कि मंत्री का जवाब अधूरा है तो विधानसभा अध्यक्ष यह तय कर सकते हैं कि जवाब को और स्पष्ट किया जाए, लेकिन कोई सदस्य यह शर्त नहीं रख सकता कि उसकी संतुष्टि तक उसे लगातार बोलने दिया जाए।
विपक्ष पर सदन में व्यवधान का आरोप
कैबिनेट मंत्री ने सदन में विपक्ष के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सत्ता पक्ष का कोई सदस्य बोलता है तो विपक्षी विधायक खड़े होकर नारेबाजी और व्यवधान करते हैं। नेगी ने कहा कि विधानसभा के नियमों के अनुसार जिस सदस्य को अध्यक्ष बोलने की अनुमति देते हैं, उसे बीच में बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
जवाब सुनने की आदत डाले विपक्ष: नेगी
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी बात पूरी तरह रखना चाहता है, लेकिन जब सरकार उसके आरोपों का जवाब देती है तो विपक्ष सदन से बाहर जाने या हंगामा करने की कोशिश करता है। नेगी ने विपक्ष से जवाब सुनने की आदत डालने और विधानसभा के नियमों का सम्मान करने की अपील की।
पूरे रिकॉर्ड से स्थिति स्पष्ट करने का दावा
जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार विपक्ष के हर आरोप का तथ्यों के आधार पर जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने दोहराया कि राष्ट्रगान विवाद को लेकर वास्तविक स्थिति केवल एक वीडियो क्लिप के आधार पर तय नहीं की जा सकती। उनके अनुसार सदन की पूरी रिकॉर्डिंग और उपलब्ध अन्य सामग्री देखने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उस समय वास्तव में क्या हुआ था।