Summer express/हमीरपुर ,अरविंद -:हमीरपुर जिले में पशुओं में लंपी स्किन डिजीज के मामले सामने आने के बाद पशुपालन विभाग ने बचाव और रोकथाम के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अब तक करीब 40 पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण पाए गए हैं। वहीं, बड़सर क्षेत्र में एक गोवंश की बीमारी के कारण मौत होने की भी सूचना है।जानकारी के अनुसार, नादौन क्षेत्र में सबसे अधिक 12 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा भोरंज और सुजानपुर में दो-दो मामले दर्ज किए गए हैं। जिले के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी पशुओं में बीमारी के लक्षण मिलने के बाद विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ उपचार की प्रक्रिया तेज कर दी है।
लंपी स्किन डिजीज की रोकथाम के लिए हमीरपुर जिले को करीब 15 हजार टीके उपलब्ध करवाए गए हैं। पशुपालन विभाग ने इन्हें पशु अस्पतालों और संबंधित केंद्रों तक पहुंचाना शुरू कर दिया है, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में पशुओं का समय पर टीकाकरण किया जा सके। पिछले तीन दिनों में ही करीब 2 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।उप निदेशक पशुपालन विभाग हमीरपुर डॉ. सुजय शर्मा ने बताया कि जिले में फिलहाल करीब 40 पशुओं में लंपी के लक्षण मिले हैं। बीमारी की रोकथाम के लिए विभाग की ओर से व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उनमें लंपी स्किन डिजीज का खतरा अधिक रहता है।
विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि यदि किसी पशु में तेज बुखार, शरीर पर गोल या उभरी हुई गांठें तथा त्वचा पर अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो उसे अन्य पशुओं से अलग रखें और तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करें।लंपी स्किन डिजीज गोवंश में होने वाली संक्रामक वायरल बीमारी है। यह कैप्रिपॉक्स वायरस के कारण होती है और मुख्य रूप से मच्छरों, काटने वाली मक्खियों तथा टिक जैसे रक्त चूसने वाले कीटों के माध्यम से फैल सकती है। बीमारी में सामान्यतः बुखार के बाद पशु की त्वचा पर गोल और उभरी हुई गांठें बनने लगती हैं। विभाग ने पशुपालकों से सतर्क रहने और समय पर टीकाकरण करवाने का आग्रह किया है।