Summer express,गोहाना (सोनीपत)। गोहाना में अनियमित कॉलोनी में स्थित प्लॉट के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर नगर परिषद से एनओसी हासिल करने का मामला सामने आया है। शहर थाना पुलिस ने इस मामले में बसंत और अंकुश को गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले में नामजद सफाई कर्मचारी रवि फिलहाल हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत पर है।
नगर परिषद की जांच में सामने आया कि अनियमित कॉलोनियों में स्थित प्लॉटों के लिए नियमित कॉलोनियों के दूसरे प्लॉटों की लोकेशन और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एनडीसी पोर्टल के माध्यम से एनओसी के लिए आवेदन किए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जून 2024 में नगर परिषद की ओर से एनओसी भी जारी कर दी गई।
बाद में जब संबंधित संपत्तियों के वास्तविक मालिकों ने अपनी जमीन की एनओसी के लिए आवेदन किया तो रिकॉर्ड में पहले से एनओसी जारी होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद नगर परिषद ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेजों और वास्तविक संपत्ति के रिकॉर्ड का मिलान नहीं हुआ। अधिकारियों ने इसे गलत जानकारी और कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एनओसी हासिल करने का मामला माना।
मामले की जांच के आधार पर नगर परिषद सचिव ने छह जून 2026 को शहर थाना पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बसंत, अंकुश और सफाई कर्मचारी रवि के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस जांच में कृष्णा कॉलोनी के एक प्लॉट से जुड़े फर्जीवाड़े का भी पता चला। बताया गया कि यह प्लॉट अनियमित कॉलोनी में होने के कारण एनओसी के योग्य नहीं था। बाद में प्लॉट बेचने के दौरान दस्तावेजों की जांच में कथित गड़बड़ी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, सफाई कर्मचारी रवि पर एनओसी दिलाने के नाम पर 60 हजार रुपये लेने का आरोप है। इसमें 45 हजार रुपये की रसीद दिए जाने और 15 हजार रुपये उसके बैंक खाते में जमा करवाने की बात जांच में सामने आई है। शहर थाना प्रभारी सुभाष चंद्र ने बताया कि बसंत और अंकुश को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
रवि को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली हुई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उन्हें पोर्टल पर अपलोड करने और एनओसी हासिल करवाने में आरोपितों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं।