Summer express ,कैथल, (बलिंदर कुमार)। हरियाणा में राजस्व विभाग के पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल गुरुवार को सातवें दिन भी जारी रही। नए सॉफ्टवेयर और पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों समेत अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। हड़ताल के कारण तहसीलों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में फाइलें तथा इंतकाल के मामले लंबित हो गए हैं।
दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर पटवारी और कानूनगो जिला मुख्यालयों पर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नए सॉफ्टवेयर और पोर्टल में तकनीकी खामियों के कारण काम करने में लगातार परेशानियां आ रही हैं। इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर वे सरकार से कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
हड़ताल का असर कैथल समेत प्रदेश के कई जिलों में राजस्व कार्यों पर दिखाई दे रहा है। इंतकाल, भू-अभिलेख से जुड़े कार्य और अन्य राजस्व मामलों के निपटारे में देरी हो रही है। डिजिटल क्रॉप सर्वे समेत विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित हुए हैं।
वहीं, राजस्व कार्यों के प्रभावित होने के बाद भू-अभिलेख निदेशालय ने अनुपस्थित कर्मचारियों को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए हैं। इससे कर्मचारियों और विभाग के बीच गतिरोध और बढ़ने की स्थिति बन गई है।
धरने पर बैठे पटवारियों का कहना है कि अभी तक सरकार या प्रशासन की ओर से एसोसिएशन को बातचीत के लिए कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला है। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान करने की अपील की है, ताकि वे दोबारा ड्यूटी पर लौटकर लोगों के राजस्व संबंधी कार्य निपटा सकें।
एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। संगठन का कहना है कि हड़ताल के कारण आम जनता को होने वाली परेशानी के लिए सरकार और संबंधित प्रशासनिक विभाग जिम्मेदार होंगे।
धरने के दौरान पटवारियों और कानूनगो ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।