summer express , नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के विभिन्न टोल प्लाजा पर कथित फर्जी टोल वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में बुधवार को कई राज्यों में व्यापक छापामारी की। जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिम बंगाल में करीब 14 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही जांच का हिस्सा है। ईडी ने पुलिस की ओर से दर्ज दो एफआईआर का संज्ञान लेने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में टोल वसूली की प्रक्रिया में कथित तौर पर अनियमितताओं और अवैध तरीके से धन को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने की बात सामने आई है।
एफआईआर में आरोप है कि कुछ टोल प्लाजा पर रसीद जारी करने के लिए अधिकृत सिस्टम के बजाय अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया। आरोप के मुताबिक, इस माध्यम से वसूले गए टोल की रकम को आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम से बाहर कर दूसरी जगह डायवर्ट किया गया।
ईडी अधिकारियों ने बताया कि फोरेंसिक जांच और एनएचएआई के रिकॉर्ड की पड़ताल के दौरान अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। एजेंसी अब छापामारी के दौरान डिजिटल उपकरणों, दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि कथित वित्तीय अनियमितताओं की पूरी कड़ी सामने आ सके।
जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य कथित धोखाधड़ी से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाना, इसमें शामिल लोगों और वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करना तथा अपराध से अर्जित धन के स्रोत और उसके इस्तेमाल का पता लगाना है। ईडी की कार्रवाई के बाद मामले में आगे और लोगों से पूछताछ तथा अन्य स्थानों पर तलाशी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।