Summer express/शिमला,संजू -: हिमाचल प्रदेश में बढ़ते शहरीकरण और आबादी के दबाव को देखते हुए सरकार अब चंडीगढ़ की तर्ज पर एक नया नियोजित शहर विकसित करने की तैयारी में है। इस प्रस्तावित शहर को ‘हिम चंडीगढ़’ नाम दिया गया है। नगर एवं ग्राम नियोजन (TCP) मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश की भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक, सुनियोजित और टिकाऊ शहर विकसित करने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाए हैं।मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं को तेजी से पूरा करने और इसके समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित शहर के लिए उपयुक्त क्षेत्र की पहचान, भूमि की उपलब्धता और तकनीकी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद शहर के विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
‘हिम चंडीगढ़’ में आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के साथ आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करने की योजना है। शहर में सड़क नेटवर्क, पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाओं और हरित क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसा शहरी केंद्र विकसित करना है, जो भविष्य की बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के साथ मौजूदा शहरों पर बढ़ते दबाव को भी कम कर सके।
खास बात यह होगी कि प्रस्तावित शहर को हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। परियोजना में सरसा नदी के किनारे करीब 9 किलोमीटर लंबे रिवरफ्रंट को विकसित करने का प्रस्ताव है। रिवरफ्रंट को आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित कर लोगों को स्वच्छ और मनोरंजक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
मंत्री ने शहर के लिए मजबूत सड़क संपर्क को भी जरूरी बताया। बेहतर कनेक्टिविटी से आवागमन सुगम होने के साथ क्षेत्र में व्यापार और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। सरकार का मानना है कि ‘हिम चंडीगढ़’ के विकसित होने से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और राज्य के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।