भारतीय प्रतिनिधिमंडल से राष्ट्रीय हितों को मजबूती से रखने का आह्वान
एजेंसी | नई दिल्ली
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में होने वाले 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से सम्मेलन के विभिन्न सत्रों और कार्यशालाओं में सक्रिय भागीदारी करने तथा वैश्विक मंच पर भारत के दृष्टिकोण और राष्ट्रीय हितों को प्रभावी ढंग से रखने का आह्वान किया। सम्मेलन 13 से 19 सितंबर तक आयोजित होगा।
इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय ‘बदलती वैश्विक व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना: राष्ट्रमंडल नेतृत्व’ रखा गया है। समीक्षा बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के लिए छह प्रमुख कार्यशालाओं के एजेंडे पर भी चर्चा हुई। इनमें समावेशी और निष्पक्ष व्यापार के लिए अंतर-संसदीय संवाद, दिव्यांग लोगों के लिए संसद को अधिक सुलभ बनाना, जलवायु अनुकूलन और लचीलेपन में संसदीय नेतृत्व तथा संसदों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल जैसे विषय शामिल हैं।
वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका
बिरला ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी उसकी संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करती है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से चर्चा के दौरान अपने विचार स्पष्ट और प्रभावी ढंग से रखने को कहा, ताकि भारत के हितों और दृष्टिकोण को मजबूती से सामने रखा जा सके।
छह कार्यशालाओं पर रहेगा जोर
सम्मेलन में तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अलावा जलवायु, समावेशन और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारतीय प्रतिनिधिमंडल इन विषयों पर अपने अनुभव और सुझाव साझा करेगा। सम्मेलन को विभिन्न देशों के सांसदों के बीच संसदीय संवाद और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।