सुनील शिंगार | लुधियाना
समर न्यूज
कुछ दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं ने लुधियाना का नया जिला प्रधान सुनील मोदगिल को नियुक्त किया है। मानो नए प्रधान साहब को कुर्सी का नशा चढ़ गया हो। वह इस कदर वीवीआईपी फीलिंग लेने लगे हैं कि उन्होंने आम जनता के लिए अपना मोबाइल फोन वॉइस कॉल पर लगा दिया है। जिस व्यक्ति का नंबर उनके मोबाइल में नहीं है वह व्यक्ति अगर उनको फोन करता है तो इंग्लिश में एक मैसेज सुनने को मिलता है “ रिकॉर्ड द नेम एंड रीजन ऑफ़ कॉल”।
आखिर ऐसा होना नहीं चाहिए। पार्टी के ही वर्करों का मानना है कि यह बात अब चर्चा का विषय बनने लगी है कि नए प्रधान के साथ फोन पर बात करना आम लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती है। समर एक्सप्रेस की टीम ने जब एक अज्ञात नंबर से फोन कॉल कर इसकी जांच की तो यह आप सही निकले। इसके बाद जब बुधवार शाम करीब 7 भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रधान केवल सिंह ढिल्लों से मोबाइल पर बात करनी चाहिए तो उनका फोन किसी अन्य साथी ने उठा कर बताया कि वह अमृतसर में है और हरमंदिर साहिब में माथा टेक रहे हैं और करीब 2 घंटे का समय लग सकता है।
वर्करों का मानना: चुनाव नजदीक और यह रवैया गलत
पंजाब में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता अपने वर्करों और आम जनता के साथ लगातार मीटिंग कर रहे हैं। वोटरों को लुभाने के लिए उनके लंबित काम फोन कॉल पर सुन उनकी समस्या का हल निकालने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन लुधियाना में भारतीय जनता पार्टी के प्रधान सुनील मौदगिल ने इसके विपरीत अपना फोन कॉल आम जनता के लिए वॉइस मैसेज पर लगा दिया है। ऐसे में अगर किसी आम व्यक्ति ने अपनी समस्या या फिर अन्य किसी काम के सिलसिले में बात करनी हो तो फिलहाल वह संभव नहीं है। पार्टी वर्करों का मानना है कि ऐसा किए जाने पर कुछ वर्कर भी निराश हैं।
एसआईआर के लिए लोगों को जरूरत
मौजूदा समय में पंजाब के लोगों की वोट को लेकर एस आई आर अपने चर्म पर है। हर पार्टी के लिए एक-एक वोट अहम है। मौजूदा समय में जिन लोगों को अपनी वोट बनाने में दिक्कत आ रही है वह अपनी समस्या लेकर पार्टी के मुखिया से बातचीत कर इसका समाधान निकाल रहे हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के लुधियाना जिला प्रधान सुनील मौदगिल इस समस्या में आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं है। लोगों का ही मानना है कि उनके इस रवैया से वह कहीं ना कहीं वोटरों को लुभाने में चूक सकते हैं। क्योंकि वोटर का काम करवाने के लिए अन्य पार्टियों के नेता सहयोग करने के लिए तैयार हैं।