Summer express/शिमला,संजू-: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन भाजपा विधायक एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी बीमारी के बावजूद सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचे। चौधरी ने कहा कि वह पिछले करीब चार महीनों से अस्वस्थ चल रहे हैं और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं, लेकिन विधानसभा का प्रत्येक सत्र जनता से जुड़े मुद्दों को सरकार के समक्ष रखने का महत्वपूर्ण अवसर होता है। इसी जिम्मेदारी को देखते हुए उन्होंने सदन में पहुंचकर अपने विधानसभा क्षेत्र पांवटा साहिब की समस्याओं को उठाया।सुखराम चौधरी ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान उन्होंने पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र से संबंधित कई अहम विषय सरकार के ध्यान में लाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। पांवटा साहिब के साथ भी सरकार का रवैया अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को जिस तरह की सुविधाएं मिलनी चाहिए, उस दिशा में सरकार की ओर से पर्याप्त प्रयास दिखाई नहीं दे रहे हैं।
भाजपा विधायक ने पांवटा साहिब को प्रदेश का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र बताते हुए कहा कि यहां बड़ी संख्या में उद्योग संचालित होते हैं और क्षेत्र से सरकार को अच्छा राजस्व प्राप्त होता है। इसके बावजूद पांवटा साहिब की सड़कों की हालत खराब बनी हुई है। कई स्थानों पर सड़क व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जलापूर्ति और बिजली आपूर्ति को लेकर भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।चौधरी ने प्रदेश सरकार पर विकास कार्यों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। केवल घोषणाओं और राजनीतिक बयानबाजी से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को हर समस्या के लिए पूर्व भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराने की राजनीति से बाहर निकलना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार को आरोप-प्रत्यारोप में समय गंवाने के बजाय मौजूदा परिस्थितियों पर ध्यान केंद्रित कर ठोस कदम उठाने चाहिए।
सुखराम चौधरी ने कहा कि पांवटा साहिब की जनता की समस्याओं को विधानसभा में उठाना उनका दायित्व है और आगे भी वह क्षेत्र के हित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सदन में रखते रहेंगे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।