Summer express ,नई दिल्ली। उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश के मध्य भागों में बने कम दबाव के क्षेत्र, मानसून ट्रफ और अन्य सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज प्रभावित हो रहा है।
बिहार में लगातार बारिश के बाद कई नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वहीं उत्तराखंड में पिछले करीब एक सप्ताह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। कई स्थानों पर भूस्खलन के चलते सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और भूस्खलन का असर देखने को मिला है। शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर बड़े भूस्खलन के कारण आवाजाही प्रभावित हुई।
महाराष्ट्र के अंबोली क्षेत्र में भी इस मानसून में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। यहां बारिश का आंकड़ा चेरापूंजी से भी अधिक बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अगस्त तक क्षेत्र में करीब 250 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी थी और सितंबर के दौरान यह आंकड़ा 400 इंच तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है। बरेली सहित कई क्षेत्रों में बहुत भारी वर्षा हुई है। उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ स्थानों पर भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
आईएमडी के मुताबिक, पहले दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों की ओर खिसक गया है। इसके अलावा इस सिस्टम से जुड़ा ट्रफ, हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ तथा उत्तर-पूर्वी बिहार और असम के कुछ हिस्सों में बने चक्रवाती परिसंचरण भी मौसम को प्रभावित कर रहे हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों के कई हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है। केरल में गर्मी और उमस बनी रह सकती है, जबकि तेलंगाना के कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
आने वाले दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी मध्य प्रदेश में 9 सितंबर तक कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, केरल, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने बारिश प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।