Summer express/शिमला/ संजू -:हिमाचल प्रदेश की सियासत में इन दिनों विकास और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर घमासान तेज है। सरकार जहां रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और प्रदेश के आर्थिक हितों को लेकर अपने फैसलों और उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड सामने रख रही है, वहीं विपक्ष के आरोपों पर भी सरकार की ओर से लगातार पलटवार किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि राजनीतिक बयानबाजी से अलग हिमाचल के हितों को प्राथमिकता देना जरूरी है।सरकार की ओर से दावा किया गया है कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और प्रदेश के आर्थिक हितों की पैरवी करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। वहीं राजस्व घाटा अनुदान, BBMB, बिजली परियोजनाओं और किशाऊ बांध जैसे मुद्दों पर भी प्रदेश के अधिकारों को मजबूती से उठाने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप से प्रदेश के युवाओं का भविष्य नहीं बदला जा सकता। उन्होंने कहा कि आज जरूरत ऐसी नीतियां बनाने की है, जिनसे पढ़े-लिखे और स्किल्ड युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर मिल सकें।सरकार का दावा है कि रोजगार के मोर्चे पर लगातार काम किया जा रहा है। नरेश चौहान ने कहा कि जो युवा रोजगार की तलाश में हैं, उन्हें सरकारी क्षेत्र के साथ-साथ निजी और अन्य क्षेत्रों में भी अवसर उपलब्ध कराने होंगे। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों को युवाओं को ध्यान में रखते हुए ठोस नीतियां बनानी होंगी।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस की ओर से रोजगार को लेकर श्वेत पत्र भी लाया जाएगा। इसमें यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में युवाओं को कितने रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए और भाजपा शासन के दौरान कितने रोजगार दिए गए।
रोजगार के बाद प्रदेश के आर्थिक हितों को लेकर भी सरकार ने विपक्ष को घेरा। सरकार का कहना है कि जब भी हिमाचल के अधिकारों और आर्थिक हितों का सवाल आया, प्रदेश सरकार ने मजबूती से अपनी बात रखी है।राजस्व घाटा अनुदान, BBMB और बिजली परियोजनाओं से जुड़े अधिकारों को लेकर सरकार ने कहा कि हिमाचल के हितों की पैरवी लगातार की जा रही है। सरकार का दावा है कि पड़ोसी राज्यों के साथ जुड़े विषय हों या केंद्र सरकार के समक्ष प्रदेश के अधिकारों का मामला, सरकार अपनी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट है।किशाऊ बांध समझौते को भी सरकार अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल कर रही है। सरकार का कहना है कि इस समझौते से हिमाचल प्रदेश को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है और प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर आगे बढ़ा गया है।
नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता पूरी तरह तय है। हिमाचल के हितों के लिए केंद्र सरकार के सामने भी मजबूती से पक्ष रखना और पड़ोसी राज्यों के साथ जुड़े मामलों में प्रदेश के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।सरकार ने विपक्ष के आरोपों के जवाब में अपनी कई योजनाओं और फैसलों को भी गिनाया। सरकार की ओर से दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP देने को बड़ी पहल बताया गया। इसके साथ ही मक्की और अन्य फसलों को भी MSP के दायरे में लाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया गया।अनाथ बच्चों को ‘Children of the State’ का दर्जा देने के फैसले को भी सरकार ने अपनी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ पहुंचाना है।
विश्वविद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े संशोधन को लेकर भी सियासत गर्म है। विपक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि संशोधन विधेयक के जरिए सरकार विश्वविद्यालयों में अपने लोगों की भर्ती का रास्ता तैयार करना चाहती है। इन आरोपों पर सरकार ने पलटवार करते हुए भर्ती प्रक्रिया में बदलाव को पारदर्शिता की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की आशंका को दूर किया जाएगा और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं सांसद कंगना रनौत की ओर से अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान पर भी नरेश चौहान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी अधिकारी के काम को लेकर शिकायत है तो संबंधित अधिकारी के सामने सीधे अपनी बात रखी जा सकती है। लेकिन किसी एक मामले को लेकर पूरे प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।कुल मिलाकर हिमाचल की सियासत में रोजगार, भर्ती, आर्थिक अधिकार और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार जहां अपने फैसलों को उपलब्धियों के तौर पर पेश कर रही है, वहीं विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक सियासत करार देते हुए सरकार ने हिमाचल के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दावा किया है।