समर न्यूज | संगरूर
संगरूर के तूर बंजारा गांव के मजदूर गुलजार सिंह की जहरीला पदार्थ निगलने से हुई मौत को लेकर पंजाब की सियासत गरमा गई है। गुलजार ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने गांव में नशे की उपलब्धता और अपने बेटे की नशे की लत का मुद्दा उठाया था।
परिवार का आरोप है कि इसके बाद उस पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया और धमकाया गया। पुलिस ने सरपंच समेत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, उत्पीड़न और एससी-एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पंजाब सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाने वालों को धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा लेने और मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। राहुल ने कहा कि गुलजार ने केवल इतना पूछा था कि सरकार नशे की बिक्री रोकने में क्यों विफल रही। गुलजार सिंह ने 6 सितंबर को चीमा के जनता दरबार में अपने बेटे के नशे की लत और गांव में आसानी से उपलब्ध नशे की शिकायत की थी।
परिजनों के मुताबिक, इसके बाद स्थानीय लोगों ने उस पर मंत्री से सवाल पूछने के लिए माफी मांगने का दबाव बनाया। अगले दिन उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। मौत से पहले बनाए गए वीडियो में उसने मंत्री, सरपंच सहित कुछ लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया था। हालांकि मंत्री ने किसी भी तरह की भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लाशों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाबी ऐसी राजनीति पसंद नहीं करते। मान ने दावा किया कि मामले में आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और सरकार नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। आम आदमी पार्टी ने विपक्ष पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है।
जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी: चीमा
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गुलजार सिंह की मौत की परिस्थितियों में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि तूर बंजारा गांव में जनसमस्याएं सुनने के दौरान गुलजार ने उनके सामने अपने बेटे के नशे की लत और गांव में नशे की उपलब्धता का मुद्दा उठाया था। चीमा के अनुसार, उन्होंने गुलजार की शिकायत सुनी और मौके पर पुलिस को नशे की सप्लाई में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि बाद में किन परिस्थितियों में गुलजार ने जहरीला पदार्थ निगला। मामले की पुलिस जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। चीमा ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को विपक्ष की ओर से बनाई जा रही गलत धारणा बताया। दूसरी ओर, पुलिस ने सरपंच समेत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
केजरीवाल ने भी साधा निशाना
आप नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में नशे की समस्या पिछली सरकारों के दौरान बढ़ी और मौजूदा सरकार इसे खत्म करने का प्रयास कर रही है। इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया और वित्त मंत्री चीमा के इस्तीफे तथा गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। मामले ने पंजाब में नशे की समस्या और सरकार की जवाबदेही को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।