summer express ,मुंबई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर बुधवार को घरेलू शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 500.25 अंक गिरकर 75,060.61 अंक पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 129.40 अंक की गिरावट के साथ 23,506.10 अंक पर कारोबार करता नजर आया।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखा गया। दूसरी ओर, एनटीपीसी, लार्सन एंड टुब्रो, पावर ग्रिड और अडानी पोर्ट्स के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 और चीन का एसएसई कंपोजिट बढ़त में रहे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग कमजोर रहा। इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 1.44 प्रतिशत बढ़कर 99.33 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से तेल की कीमतों में तेजी आई है।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका है। यही वजह है कि निवेशकों में सतर्कता बढ़ी हुई है और बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी बाजार से निकासी जारी रखी। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, एफआईआई ने मंगलवार को 123.19 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिक्री की थी।
इससे पहले मंगलवार को भी घरेलू बाजार कमजोर रहा था। सेंसेक्स 555.23 अंक टूटकर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में 144.05 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी। लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार में गिरावट से निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।