summer express , बेंगलुरु। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बुधवार को कर्नाटक में कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। जांच एजेंसी की कार्रवाई करीब 18 स्थानों पर चल रही है। इनमें कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली और उनकी बेटी प्रियंका जारकीहोली के आवास भी शामिल हैं। प्रियंका जारकीहोली चिक्कोडी से सांसद हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, ईडी की यह कार्रवाई मंत्री के बहनोई वाई. मंजूनाथ से जुड़े आबकारी मामले से अलग है। सतीश जारकीहोली और प्रियंका जारकीहोली के परिसरों पर की जा रही तलाशी मनी लॉन्ड्रिंग के एक अलग मामले की जांच के तहत हो रही है। इसके अलावा जांच एजेंसी मंजूनाथ के आवास की भी तलाशी ले रही है।
ईडी मुख्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सतीश जारकीहोली और उनकी बेटी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का मंजूनाथ से जुड़े पहले के मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है। मंजूनाथ, सतीश जारकीहोली की छोटी बहन महादेवी के पति हैं। वह मूल रूप से बल्लारी जिले के हरपनहल्ली के रहने वाले हैं और वर्तमान में बेलगावी डिवीजन में आबकारी विभाग के अतिरिक्त आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं।
इससे पहले 24 जून को भी ईडी ने मंजूनाथ से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई की थी। उस दौरान बेलगावी, बेंगलुरु और मैसूर में कई स्थानों पर तलाशी ली गई थी। जांच एजेंसी ने करीब 13.3 करोड़ रुपये की ऐसी संपत्तियों का पता लगाने का दावा किया था, जो मंजूनाथ की ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में अधिक बताई गई थीं।
जून में हुई कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को कुछ कथित आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले थे। इनमें एक डायरी भी शामिल थी। उस समय सतीश जारकीहोली ने ईडी की कार्रवाई पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि वह अपने बहनोई के खिलाफ चल रही जांच के परिणाम का इंतजार करेंगे।
फिलहाल ईडी की टीम सभी संबंधित परिसरों में दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही जांच से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।