Summer express, मोनिका रावत ,चंडीगढ़। पंजाब पुलिस के मुखिया के पद पर पिछले चार साल से नियमित नियुक्ति नहीं होने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने एक अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है।
अतिरिक्त प्रभार पर डीजीपी की नियुक्ति को लेकर सवाल
अधिवक्ता निखिल थम्मन की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि पंजाब में पुलिस महानिदेशक यानी पुलिस बल के प्रमुख का सर्वोच्च पद लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के आधार पर चल रहा है। याचिका में इस व्यवस्था को संस्थागत दृष्टि से गंभीर विषय बताते हुए नियमित डीजीपी की नियुक्ति की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि किसी अधिकारी को लंबे समय तक अतिरिक्त प्रभार देकर पुलिस बल का मुखिया बनाए रखना पुलिस विभाग की स्वतंत्रता और संस्थागत सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े करता है। उनका तर्क है कि नियमित नियुक्ति के साथ मिलने वाला निश्चित कार्यकाल और संस्थागत स्थिरता पुलिस नेतृत्व के लिए जरूरी है। इससे कानून-व्यवस्था के प्रति जनता का भरोसा भी मजबूत होता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का दिया हवाला
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2006 के महत्वपूर्ण प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले में दिए गए फैसले और 13 मार्च 2019 के बाद के आदेशों का हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों में पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग के पैनल के आधार पर चयन की प्रक्रिया निर्धारित की थी।
याचिका में विशेष रूप से दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि पुलिस महानिदेशक के पद पर ‘कार्यवाहक’ या ‘अस्थायी’ डीजीपी की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। ऐसे में पंजाब में लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के आधार पर चल रही व्यवस्था को लेकर कानूनी सवाल उठाए गए हैं।
सरकार को पहले भेजा गया था कानूनी नोटिस
याचिका के मुताबिक, संघ लोक सेवा आयोग की ओर से तैयार पैनल कथित तौर पर पंजाब सरकार को पहले ही प्राप्त हो चुका है। इसके बावजूद नियमित डीजीपी की नियुक्ति नहीं होने पर याचिकाकर्ता ने 24 अगस्त 2026 को संबंधित अधिकारियों को विस्तृत कानूनी नोटिस भेजा था। इसमें नियमित डीजीपी की नियुक्ति की मांग की गई थी।
एक अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने की। खंडपीठ ने पंजाब सरकार को मामले में अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई एक अक्टूबर 2026 को होगी।