पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अगुवाई में समर्थकों समेत कांग्रेस में हुए शामिल
गुरमीत सिंह | डेराबस्सी
समर न्यूज
नगर काउंसिल के पूर्व प्रधान एवं मौजूदा पार्षद रंजीत सिंह रेड्डी ने एक बार फिर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अगुवाई में रेड्डी
अपने समर्थकों सहित कांग्रेस में शामिल हुए। रेड्डी की कांग्रेस में दोबारा एंट्री के बाद डेराबस्सी के राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
27 मार्च 2024 को कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में रंजीत सिंह रेड्डी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। उस समय रेड्डी को तत्कालीन हलका इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ढिल्लों का करीबी माना जाता था। उनकी सहमति के बाद ही रेड्डी को नगर काउंसिल का प्रधान बनाए जाने की चर्चा भी रही थी।
आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान रेड्डी के खिलाफ एक मामला दर्ज हुआ था, जिसके चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा। इसी दौरान दीपेंद्र सिंह ढिल्लों और रेड्डी के बीच राजनीतिक मतभेद बढ़ने लगे। इसके बाद रेड्डी ने कांग्रेस से दूरी बना ली और पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया। कुछ समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहने के बाद रेड्डी भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने नगर काउंसिल का चुनाव भी लड़ा और पार्षद निर्वाचित हुए।
अब अचानक कांग्रेस में वापसी से भाजपा को राजनीतिक झटका लगने की चर्चा है। उधर, रेड्डी की वापसी के साथ ही वर्ष 2024 में कांग्रेस द्वारा जारी छह साल के निष्कासन संबंधी पत्र की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।